प्रधानमंत्री कौशल विकास विकास योजना के नाम पर 50 लाख का चूना लगाने वाला गिरोह गिरफ्त में
वाराणसी। वाराणसी पुलिस ने कौशल विकास योजना से जुड़े एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। वाराणसी पुलिस ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के नाम पर फर्जीवाड़ा कर रहे गिरोह को पकड़ा है। इस गिरोह में 3 पुरुष और 2 महिलाएं शामिल थीं। वाराणसी के SPRA ने मीडिया को बताया कि यह गिरोह वाराणसी सहित आसपास के जिलों में भोले-भाले ग्रामीणों को रोजगार के नाम पर ठगी करने का काम करता था। पुलिस के मुबाबिक इन लोगों ने धोखाधड़ी कर अब तक 50 लाख रुपये का चूना लगाया है। लेकिन ऐसा बताया जा रहा कि धोखाधड़ी किए गए रुपयों का आंकड़ा 1 करोड़ के पार है। पुलिस ने ये बात ऑफ रिकॉर्ड स्वीकारी है।

खास बात ये रही कि इसके लिए गिरोह के सदस्यों ने आंगनबाड़ी की एक महिला को अपने ग्रुप में शामिल कर रखा था। पुलिस ने इनके पास से 5 कंप्यूटर लैपटॉप और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के फर्जी फॉर्म और सर्टिफिकेट के साथ-साथ पीड़ितों को दिए गए आई कार्ड और तमाम दस्तावेज बरामद किए हैं। SP ग्रामीण अमित कुमार ने बताया कि इन लोगों को संगठित गिरोह बीते 1 साल से वाराणसी में अलग-अलग इलाकों में संचालित होता था। इसमें उन्होंने अब तक करीब 2000 लोगों को अपने चंगुल में फंसा रखा था। वहीं पुलिस की मानें तो इस ग्रुप अब तक 50 लाख रुपए की राशि का चूना आम जनता को लगाया है। जबकि जमीनी हकीकत में धोखाधड़ी का आंकड़ा 1 करोड़ रुपयों के आसपास है।












Click it and Unblock the Notifications