कौन हैं संजय सेठ, जिन्होंने भाजपा का 8वां राज्यसभा कैंडिडेट बनकर बढ़ाई अखिलेश यादव की टेंशन?
Rajya Sabha Elections: राज्यसभा चुनाव के लिए सभी राज्यों में राजनीतिक पार्टियां अपने-अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर रही हैं। उत्तर प्रदेश में रिक्त हो रही 10 सीटों को भरने के लिए 27 फरवरी को राज्यसभा चुनाव होने हैं।
ऐसे में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपने सात तो समाजवादी पार्टी (सपा) ने राज्यसभा के लिए अपने 3 उम्मीदवारों की घोषणा की थी। लेकिन अब, बीजेपी ने अखिलेश यादव की टेंशन बढ़ा दी है।

दरअसल, बीजेपी ने राज्यसभा के लिए अपने एक और उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही यूपी में राज्यसभा की लड़ाई दिलचस्प हो गई है। दोनों ही पार्टियां एक दूसरे को पीछे छोड़ आगे निकलने की कोशिश में लगी हुई हैं।
भाजपा की ओर से राज्यसभा के लिए 8वें उम्मीदवार के रूप में संजय सेठ ने नॉमिनेशन भरा है। संजय कभी अखिलेश यादव के पिता और सपा के संस्थापक, मुलायम सिंह यादव के करीबी हुआ करते थे।
संजय सेठ पहले जून 2016 में सपा उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा के लिए चुने गए थे। बाद में वह भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री आरपीएन सिंह, पूर्व सांसद चौधरी तेजवीर सिंह, राज्य पार्टी महासचिव अमरपाल मौर्य, पूर्व राज्य मंत्री संगीता बलवंत, पार्टी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी, पूर्व विधायक साधना सिंह और आगरा के पूर्व मेयर नवीन जैन को भी उच्च सदन के लिए नामांकित किया है।
सपा की राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची में वरिष्ठ नेता और अभिनेता जया बच्चन, दलित नेता रामजी लाल सुमन और राज्य के पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन शामिल हैं।
संजय सेठ के मैदान में आने से यूपी में राज्यसभा सीटों की लड़ाई ने दिलचस्प मोड़ ले लिया है। यदि भाजपा ने आठवें उम्मीदवार को नामांकित नहीं किया होता, तो राज्य को चुनाव की जरुरत नहीं होती। सभी 10 उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए जाते। लेकिन अब 10 सीटों के लिए मैदान में उतरे 11 उम्मीदवारों के बीच 10 विजेताओं का निर्धारण करने के लिए मतदान कराना होगा।
कौन हैं संजय सेठ?
संजय सेठ 2019 में समाजवादी पार्टी से अलग हो कर भाजपा में शामिल हुए हैं। इससे पहले 2016 में वो समाजवादी पार्टी के सदस्य के रूप में राज्यसभा पहुंचे थे।
उन्होंने यूपी ओलंपिक एसोसिएशन, यूपी बैडमिंटन एसोसिएशन और क्रेडिट यूपी के उपाध्यक्ष के रूप में भी काम किया है। वह शालीमार कॉर्प्स के संस्थापकों में से एक हैं। उनका जन्म 10 फरवरी 1961 को लवकुश नारायण सेठ और कुसुम सेठ के घर हुआ था। संजय ने लखनऊ यूनिवर्सिटी से बीकॉम की पढ़ाई पूरी की और लीना सेठ से शादी की। उनका एक बेटा और एक बेटी है।
कभी सपा के पूर्व अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के करीबी नेताओं में शुमार होने वाले संजय सेठ पेशे से बिल्डर हैं। लखनऊ में बसपा सुप्रीमो मायावती, इटावा में मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव का बंगला इन्होंने ही बनवाया था। बताया जाता है कि मुलायम सिंह यादव और अखिलेश के अलावा संजय सेठ के मायावती से भी बेहद अच्छे संबंध हुआ करते थे।
संजय सेठ नेट वर्थ
संजय सेठ कुल 83 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति के मालिक हैं वहीं इनके पास करीब 37 करोड़ से अधिक की देनदारियां भी हैं। उन्होंने 2017-18 के दौरान अपनी सालाना आय 81 लाख के करीब बताई थी जबकि उनकी पत्नी की एनुअल इनकम 57 लाख बताई गई थी। साथ ही उनके ऊपर 2 करोड़ से अधिक का लोन भी था।
उनके पास 21 लाख से ऊपर के मूल्य के ज्वेलरी तो उनकी पत्नी के पास 1 करोड़ से अधिक कीमत के सोने-चांदी और हीरे-जवाहरात भी मौजूद हैं। उनके पास करोड़ों की कमर्शियल और रेसिडेंशियल भूमि भी है। खास बात यह है कि 2019 के दौरान उनके द्वारा जारी किए गए संपत्ति के ब्योरे के अनुसार उनके या उनके परिवार के नाम पर कोई भी गाड़ी नहीं है।












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