महराजगंज लोकसभा सीट: 'दो चौधरी आमने-सामने., क्या 7वीं बार पंकज के सिर सजेगा ताज या वीरेन्द्र चौधरी देेंगे मात?
Uttar Pradesh Lok Sabha Chunav 2024 Maharajganj: देश भर में आज सातवें चरण के लिए बस कुछ ही देर में मतदान शुरु हो जाएगा। उत्तर प्रदेश की तेरह लोकसभा सीटों के लिए आज मतदान होगा। इन्ही सीटों में एक सीट है महराजगंज लोकसभा सीट। जहां पिछले कई वर्षों से बीजेपी का दबदबा है। यहां के वर्तमान सांसद पंकज चौधरी 6 बार से सांसद हैं। इस बार भी पार्टी ने इन्हीं पर दांव खेला है। तो दूसरी तरह 5 बार हार का सामना करने के बाद एक हजार से अधिक मतों से फरेंदा विधान सभा का चुनाव जीतने वाले वीरेन्द्र चौधरी इंडिया गठबंधन से कांग्रेस प्रत्याशी के रुप में चुनाव मैदान में हैं। पहली बार चुनाव मैदान में उतरे मौसमे आलम बसपा से चुनाव लड़ रहे हैं।
दो चौधरी हैं चुनाव मैदान में
बीजेपी सांसद पंकज चौधरी को महराजगंज की जनता ने 6 बार सांसद बनाया है। वह देश के केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री भी हैं। पंकज चौधरी महराजगंज ही नहीं प्रदेश के कुर्मी बिरादरी के बड़े नेता माने जाते हैं। कांग्रेस प्रत्याशी वीरेन्द्र चौधरी भी इसी बिरादरी से ताल्लुक रखते हैं। ऐसे में दोनों नेताओं को इस बिरादरी से आना वोटों के बंटवारे का कारण बन सकता हैं।

कड़ा मुकाबला
इस सीट पर वीरन्द्र चौधरी बीजेपी सांसद पंकज चौधरी को कड़ी टक्कर देते नजर आ रहे हैं। कुछ ऐसे मतदाता हैं तो इस बार काफी शांत हैं और किस तरफ जाएंगे यह पता नहीं चल पा रहा है। ऐसे में मुकाबला रोचक है।
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी पार्षद से लेकर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शामिल पंकज चौधरी छह बार लोकसभा का चुनाव जीत चुके हैं। 1991 में पहली बार केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने महाराजगंज लोकसभा से चुनाव जीता था। जिले की राजनीति में काफी मजबूत पकड़ पंकज चौधरी की है। वहीं विगत वर्षों में यूपी में कुर्मी बिरादरी के बड़े नेता के रूप में उभरकर सामने आए हैं। केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी का सियासी छवि जिले में शालीन नेता की है। कुर्मी बिरादरी के साथ साथ अन्य बिरादरी में इनकी पहचान काफी सक्रिय और कुशल नेता के रूप में लोग करते हैं।
गोरखपुर घंटाघर के हरिवंश गली शेखपुर के रहने वाले पंकज चौधरी ने गोरखपुर विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उसके बाद 1989 में राजनीतिक सफर की शुरुआत की और 1989-91 में नगर निगम गोरखपुर में पार्षद रहे हैं। 1989 में गोरखपुर जिले से अलग होकर महाराजगंज लोकसभा सीट बना। पहले कार्यकाल में 1991 में 10वीं लोकसभा के लिए पंकज चौधरी पहली बार में ही इस सीट से सांसद चुने गए।
वहीं कांग्रेस प्रत्याशी वीरेन्द्र चौधरी फरेंदा विधानसभा के सिंहपुर अयोध्या गांव के रहने वाले हैं। वह पांच बार विधानसभा चुनाव हारने के बाद विधायक बने हैं। वीेरेन्द्र चोधरी खुद को किसान बताते हैं और समाज के कुछ वर्गों पर इनका खासा प्रभाव भी है।












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