UP Constable Recruitment Exam 2026: सेकंड फेज में 7.32 लाख उम्मीदवारों ने दी परीक्षा, 5 जिलों से नकलची अरेस्ट
Uttar Pradesh Constable Recruitment Exam 2026: उत्तर प्रदेश पुलिस में 32,679 कॉन्स्टेबल पदों के लिए चल रही मेगा भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन मंगलवार(9 जून) को राज्यभर में 7.32 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने परीक्षा दी। इस दौरान नकल, किसी और की जगह परीक्षा देने और सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने के कुल 5 मामलों में FIR दर्ज की गईं और कई लोगों को गिरफ्तार किया गया।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने परीक्षा को पूरी तरह नकल-मुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की थी, जिसके बावजूद कुछ असामाजिक तत्व पकड़े गए।

परीक्षा का पूरा आंकड़ा यहां देखें
परीक्षा तीन दिनों (8-10 जून) तक दो शिफ्टों में आयोजित हो रही है। दूसरे दिन कुल 9,62,833 उम्मीदवारों को बुलाया गया था, जिनमें से 7,32,731 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए। इससे उपस्थिति प्रतिशत 76.10% रहा।
पहले दिन 75.15% उपस्थिति दर्ज की गई थी। पूरे राज्य के 75 जिलों में 1,183 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इस भर्ती के लिए कुल 28,86,797 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था।
UPPRPB के DG एसबी शिरडकर ने कहा कि सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
परीक्षा को स्वच्छ और निष्पक्ष बनाने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई थी:
- बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन (थंब इम्प्रेशन और फोटो मैचिंग)
- हर केंद्र पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी
- उम्मीदवारों की सघन तलाशी
- पहचान पत्रों की सख्त जांच
- सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम द्वारा रियल-टाइम निगरानी
- स्थानीय पुलिस और RAF की तैनाती
इन व्यवस्थाओं के कारण गड़बड़ी की कोशिशें तुरंत पकड़ी गईं।
पकड़े गए मामले: नकल और धांधली की घटनाएं
1. हरदोई में मोबाइल और पुराने प्रश्नपत्र के साथ पकड़ा गया उम्मीदवार
बेनी माधव विद्यापीठ इंटर कॉलेज में रोहित पठाउरी नामक उम्मीदवार को नकल करने के इरादे से मोबाइल फोन और पिछली प्रतियोगी परीक्षा का प्रश्न पत्र छिपाकर ले जाते हुए पकड़ा गया। उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत FIR दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
2. अलीगढ़: नकली आधार कार्ड से इम्पर्सनेशन
धर्म समाज कॉलेज केंद्र पर एक व्यक्ति दूसरे उम्मीदवार की जगह परीक्षा देने के लिए नकली आधार कार्ड लेकर पहुंचा। जांच में धोखाधड़ी सामने आने पर आरोपी और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया गया।
3. मुजफ्फरनगर: फिर नकली आधार कार्ड का इस्तेमाल
डीएवी इंटर कॉलेज में एक अन्य व्यक्ति को नकली आधार कार्ड के जरिए उम्मीदवार की जगह परीक्षा देते हुए पकड़ा गया। इस मामले में भी भारतीय न्याय संहिता और सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत FIR दर्ज की गई।
4. कानपुर: इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाने की कोशिश
मखनिया स्थित सिद्दीकी फैज-ए-आम इंटर कॉलेज में दूसरी पाली की परीक्षा शुरू होने से पहले तलाशी के दौरान एक उम्मीदवार को परीक्षा केंद्र के अंदर इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया। उससे पूछताछ जारी है और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
5. अमरोहा: सोशल मीडिया पर फेक वीडियो
अमरोहा के रहने वाले इंद्रजीत को इंस्टाग्राम पर परीक्षा से जुड़ा "नकली" वीडियो पोस्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
क्यों है यह भर्ती इतनी महत्वपूर्ण?
उत्तर प्रदेश पुलिस में कॉन्स्टेबल भर्ती देश की सबसे बड़ी पुलिस भर्तियों में से एक है। 32,679 पदों पर होने वाली यह भर्ती लाखों बेरोजगार युवाओं की आशाओं का केंद्र बनी हुई है। योग्य और ईमानदार उम्मीदवारों को मौका देने के लिए नकल-मुक्त परीक्षा जरूरी है।
अगर नकल और धांधली नहीं रोकी गई तो:
- योग्य उम्मीदवार पीछे छूट जाते हैं
- पुलिस बल की गुणवत्ता प्रभावित होती है
- भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं
DG का सख्त संदेश
UPPRPB के DG एसबी शिरडकर ने स्पष्ट कहा है कि नकल करने, इम्पर्सनेशन करने, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल करने या सोशल मीडिया पर भ्रामक सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है।
पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार अलर्ट मोड पर हैं। परीक्षा के तीनों दिनों में सोशल मीडिया पर फेक न्यूज, फर्जी प्रश्न पत्र या उत्तर कुंजी वायरल करने वालों पर भी नजर रखी जा रही है।
पिछले ट्रेंड और सबक
पिछली कई भर्ती परीक्षाओं में नकल माफिया सक्रिय रहा है। इस बार बोर्ड ने पहले से ही कड़े कदम उठाए हैं। बायोमेट्रिक सिस्टम और सीसीटीवी की वजह से धांधली की गुंजाइश काफी कम हो गई है, लेकिन कुछ लोग अभी भी कोशिश कर रहे हैं।
यह घटनाएं दिखाती हैं कि नकल सिर्फ एक परीक्षा की गड़बड़ी नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम के खिलाफ अपराध है।
UP कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा 2026 (UP Constable Recruitment Exam 2026) न सिर्फ नौकरियों की राह खोल रही है, बल्कि निष्पक्षता और पारदर्शिता का नया उदाहरण भी पेश कर रही है। दूसरे दिन हुई 5 घटनाओं में तुरंत कार्रवाई ने साफ संदेश दिया है कि गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। अब बाकी एक दिन यानी 10 जून के आखिरी परीक्षा पर सबकी नजर है। उम्मीद है कि पूरी प्रक्रिया बिना किसी बड़े विवाद के पूरी होगी और योग्य उम्मीदवारों को उनका हक मिलेगा।
(इनपुट PTI)













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