UP Voter List 2003: यूपी में 2 करोड़ SIR फॉर्म अब भी बाकी, 26 दिसंबर तक नहीं भरा तो कट सकता है नाम

UP Voter List 2003: उत्तर प्रदेश में 2003 की मतदाता सूची के आधार पर चल रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) के तहत चुनाव आयोग के तमाम प्रयासों के बावजूद बड़ी संख्या में गणना फॉर्म अब भी जमा नहीं हो पाए हैं।

आयोग के ताज आंकड़ों के मुताबिक, पूरे प्रदेश में अब तक 2.98 करोड़ मतदाताओं के गणना फॉर्म जमा नहीं किया गया है। इसी को देखते हुए आयोग ने गणना प्रपत्रों के वितरण और जमा करने की अंतिम तिथि 26 दिसंबर तक बढ़ा दी है।

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चुनाव आयोग के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में मतदाता ऐसे हैं, जो स्थायी रूप से अनुपस्थित हैं, स्थानांतरित हो चुके हैं, मृत हैं या फिर डबल वोटर की श्रेणी में हैं। इससे मतदाता सूची को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

19.31 प्रतिशत फॉर्म अब भी पेंडिंग

आयोग की 12 दिसंबर, शाम 4 बजे तक की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश में कुल 19.31 प्रतिशत गणना प्रपत्र अभी तक असंग्रहीत श्रेणी में हैं। इनकी संख्या 2,98,19,053 बताई गई है। SIR के लिए नवंबर महीने में जिन मतदाता सूचियों को फ्रीज किया गया था, उनमें प्रदेश भर में कुल 15,44,30,092 मतदाता दर्ज हैं। इनमें से 80.69 प्रतिशत मतदाताओं के गणना फॉर्म डिजिटाइज किए जा चुके हैं, जबकि शेष प्रपत्रों के लिए अभी प्रयास जारी हैं।

शहरी जिलों में ज्यादा परेशानी

चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि कानपुर, प्रयागराज, नोएडा, मेरठ और आगरा जैसे बड़े शहरी जिलों में सबसे ज्यादा समस्याएं सामने आ रही हैं। यहां बड़ी संख्या में लोग रोजगार, पढ़ाई या अन्य कारणों से स्थायी रूप से दूसरे शहरों या राज्यों में चले गए हैं। इसके अलावा कई मामलों में मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है, लेकिन नाम अब भी सूची में दर्ज हैं। वहीं, कुछ मतदाताओं के नाम दो अलग-अलग जगहों पर दर्ज पाए गए हैं, जिससे डबल वोटिंग की आशंका बढ़ रही है।

नाम कटने में टॉप-20 जिले

आयोग के आंकड़ों के अनुसार मतदाता सूची से नाम कटने के मामले में बलरामपुर (26.72%) सबसे आगे है। इसके बाद कानपुर नगर (25.62%), प्रयागराज (25.48%), गौतमबुद्धनगर (25.32%), मेरठ (25.26%), आगरा (23.65%), शाहजहांपुर (23.16%), हापुड़ (22.67%), कन्नौज (22.19%), फर्रूखाबाद (21.72%), बरेली (21.33%), बदायूं (21.08%), बहराइच (20.91%), सिद्धार्थनगर (20.65%), संभल (20.61%), संतकबीरनगर (20.36%), प्रतापगढ़ (20.09%) और सीतापुर (20%) शामिल हैं। इन जिलों में मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटने की संभावना जताई जा रही है।

बुंदेलखंड में स्थिति बेहतर, ललितपुर सबसे आगे

प्रदेश के अन्य हिस्सों की तुलना में बुंदेलखंड क्षेत्र में गणना फॉर्म की वापसी और सत्यापन की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर बताई जा रही है। चुनाव आयोग की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, ललितपुर में सबसे कम केवल 9.28 प्रतिशत मतदाताओं के नाम कटने की संभावना है।

हमीरपुर में 11.05 प्रतिशत, महोबा में 12.74 प्रतिशत और बांदा में 12.82 प्रतिशत मतदाताओं के नाम कटने की संभावना जताई जा रही है। वहीं अमरोहा में 13.53 प्रतिशत, पीलीभीत में 13.90 प्रतिशत, अंबेडकरनगर और झांसी में समान रूप से 14.04 प्रतिशत नाम हटाए जा सकते हैं।

अंतिम तिथि बढ़ने से राहत

विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण की अंतिम तिथि बढ़ाए जाने से मतदाताओं और प्रशासन दोनों को राहत जरूर मिली है, लेकिन आयोग के सामने अभी भी लगभग तीन करोड़ गणना प्रपत्र एकत्र करने की बड़ी चुनौती बनी हुई है। चुनाव आयोग का कहना है कि शेष दिनों में घर-घर संपर्क, विशेष शिविर और डिजिटल माध्यमों का सहारा लेकर फॉर्म जुटाने का प्रयास किया जाएगा।

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