UP में वाहन मालिक सावधान! अगर नहीं किया ये काम तो कटेगा 15 हजार का चालान

UP Vehicle Rules: उत्तर प्रदेश में वाहन चलाने वालों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और कड़ा नियम लागू कर दिया गया है। प्रदेश सरकार और परिवहन विभाग ने अब उन वाहन स्वामियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है, जिन्होंने अभी तक अपने वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) नहीं लगवाई है।

नए आदेश के मुताबिक, 15 अप्रैल से प्रदेश में बिना एचएसआरपी वाले किसी भी वाहन की प्रदूषण जांच नहीं की जाएगी और न ही उनका प्रदूषण सर्टिफिकेट (PUC) पोर्टल से जारी होगा। आइए जानते हैं परिवहन विभाग के इस नए फैसले का आम जनता पर क्या असर पड़ेगा?

UP Vehicle Rules

उत्तर प्रदेश के अपर परिवहन आयुक्त (राजस्व) राजेंद्र विश्वकर्मा के अनुसार, परिवहन विभाग ने नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) के माध्यम से प्रदूषण जांच पोर्टल में तकनीकी बदलाव कर दिए हैं। अब पोर्टल किसी भी वाहन का प्रमाणपत्र तभी जारी करेगा, जब उस वाहन का डेटा एचएसआरपी के साथ लिंक होगा।

70 प्रतिशत वाहन विभाग के रडार पर

राज्य में लगभग 2.22 करोड़ ऐसे वाहन हैं, जिनमें अब तक यह विशेष नंबर प्लेट नहीं लगी है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के दोपहिया वाहनों और 1 अप्रैल 2019 से पहले रजिस्टर्ड निजी वाहनों में भारी लापरवाही देखी गई है। आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में करीब 3.12 करोड़ पुराने वाहनों में से मात्र 29 प्रतिशत पर ही एचएसआरपी लग सकी है, जबकि 70 प्रतिशत वाहन अब सीधे विभाग के रडार पर हैं।

कटेगा 15 हजार का चालान

इस नियम के उल्लंघन पर वाहन मालिकों को दोहरी आर्थिक मार झेलनी पड़ेगी। यदि वाहन में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं है, तो उसका 5,000 रुपये का चालान काटा जाएगा। वहीं, नंबर प्लेट न होने के कारण प्रदूषण सर्टिफिकेट नहीं बन पाएगा और बिना वैध पीयूसी के वाहन चलाने पर 10,000 रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। इस तरह वाहन मालिक को कुल 15,000 रुपये का भारी भरकम जुर्माना भरना पड़ सकता है।

महानगरों में इस कार्रवाई को यातायात विभाग, पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीमें अंजाम देंगी, जबकि अन्य जिलों में पुलिस और परिवहन विभाग मुस्तैद रहेगा।

HSRP नंबर प्लेट क्यों होती है जरूरी?

एचएसआरपी केवल एक नंबर प्लेट नहीं है, बल्कि यह एल्युमीनियम से बनी एक सुरक्षा किट है। इसमें एक विशेष होलोग्राम, 10 अंकों का लेजर कोड (पिन), इंजन नंबर और चेसिस नंबर की पूरी जानकारी डिजिटल रूप में दर्ज होती है। इसके साथ ही, प्रदूषण जांच की प्रक्रिया में भी पारदर्शिता लाने के लिए अब पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी (One Time Password) अनिवार्य कर दिया गया है।

यदि किसी वाहन स्वामी का मोबाइल नंबर आरसी में अपडेट नहीं है, तो उसे पहले विभाग की साइट पर जाकर अपना नया नंबर अपडेट करना होगा, तभी प्रदूषण की जांच संभव हो पाएगी।

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ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

जो लोग भारी जुर्माने से बचना चाहते हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट 'bookmyhsrp.com' पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। वहां वाहन की श्रेणी के अनुसार राज्य, वाहन नंबर, इंजन और चेसिस नंबर दर्ज कर स्लॉट बुक किया जा सकता है।

दोपहिया और चार पहिया वाहनों के लिए कितनी है फीस?

दोपहिया वाहनों के लिए इसकी फीस लगभग 400 रुपये और चार पहिया वाहनों के लिए करीब 1,100 रुपये तक निर्धारित है। ऑनलाइन भुगतान के बाद आप अपनी सुविधा के अनुसार नजदीकी डीलर का चयन कर सकते हैं या होम डिलीवरी का विकल्प भी चुन सकते हैं। ध्यान रहे कि आवेदन के समय वाहन की आरसी (रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र) डिजिटल रूप में अपलोड करनी अनिवार्य है।

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