UP के शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! अब रिटायरमेंट पर बरसेगा पैसा, शिक्षा विभाग ने भेजा प्रस्ताव
UP Teachers News: उत्तर प्रदेश के लाखों शिक्षकों (Teachers) और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों (Non-Teaching Staff) के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करते हुए सरकार ने अब माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों की ग्रेच्युटी (Gratuity) सीमा को बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने की तैयारी पूरी कर ली है। राज्यकर्मियों की तर्ज पर अब एडेड और परिषदीय स्कूलों के स्टाफ को भी यह बढ़ा हुआ आर्थिक लाभ मिलेगा।
वर्तमान में प्रदेश के इन शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 20 लाख रुपये तय थी। चूंकि जुलाई 2024 में राज्यकर्मियों की यह सीमा बढ़ाकर 25 लाख कर दी गई थी, तभी से शिक्षक संगठन भी बराबरी की मांग कर रहे थे। अब माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इस संबंध में औपचारिक प्रस्ताव तैयार कर वित्त विभाग को भेज दिया है। इस फैसले से प्रदेश के ढाई लाख से अधिक शिक्षक और कर्मचारी सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे।

UP Teachers News: रिटायरमेंट पर मिलेगी बड़ी आर्थिक सुरक्षा
हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा तैयार इस प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जैसे ही वित्त विभाग की मुहर लगेगी, सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मियों को सेवानिवृत्ति (Retirement) के समय 5 लाख रुपये अतिरिक्त तक का लाभ मिल सकेगा।
UP Teachers: अब 5 साल का इंतजार जरूरी नहीं!
ग्रेच्युटी के नियमों में एक और बदलाव आया है। अब तक किसी भी संस्थान में ग्रेच्युटी पाने के लिए कम से कम 5 साल की निरंतर सेवा अनिवार्य थी। लेकिन नए केंद्रीय श्रम कानूनों के अनुसार, फिक्स्ड-टर्म (Fixed-term) यानी कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों को अब सिर्फ 1 साल की सेवा के बाद भी ग्रेच्युटी का लाभ मिल सकेगा।
UP Teachers Latest News: किसे मिलेगा 1 साल में पैसा?
- फिक्स्ड-टर्म कर्मचारी: जिनका कॉन्ट्रैक्ट (Contract) एक निश्चित अवधि के लिए होता है।
- नया नियम: यदि किसी कर्मचारी ने साल भर में कम से कम 240 दिन काम किया है, तो उसे प्रो-राटा (अनुपातिक) आधार पर ग्रेच्युटी दी जाएगी।
- स्थायी कर्मचारी: ध्यान दें कि नियमित या स्थायी कर्मचारियों के लिए अभी भी 5 साल की सेवा की शर्त यथावत लागू रहेगी।
सरकार के इस कदम से न केवल शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित होगा, बल्कि संविदा पर काम करने वाले युवाओं को भी सोशल सिक्योरिटी का बड़ा लाभ मिलेगा।












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