UP Teacher Recruitment: यूपी में टीचर्स की भर्ती होगी या नहीं? शिक्षा मंत्री ने खाली पदों को लेकर दिया अपडेट
UP Teacher Recruitment Update: उत्तर प्रदेश में शिक्षक बनने का सपना संजोए बैठे करीब 20-25 लाख बीएड और बीटीसी (BTC) अभ्यर्थियों के लिए विधानसभा से एक बड़ी खबर सामने आई है। लंबे समय से नई भर्ती (UP Teacher Vacancy ) की राह देख रहे युवाओं की उम्मीदों पर सरकार के ताजा बयान ने पानी फेर दिया है। आइए जानतें हैं मंत्री ने क्या कहा और शिक्षक भर्ती से जुड़े खाली पदों का गणित क्या है।
मंगलवार को विधानसभा सत्र के दौरान सपा विधायक अनिल प्रधान शिक्षक भर्ती को लेकर सवाल पूछा। सवाल के लिखित जवाब में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने सदन में स्पष्ट किया है कि फिलहाल प्रदेश में नई शिक्षक भर्ती को लेकर सरकार का कोई विचार नहीं है।

UP Teacher Recruitment: यूपी में शिक्षक भर्ती के कितने पद खाली हैं?
मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक सीधी भर्ती के 46,944 पद वर्तमान में रिक्त हैं। हालांकि, जब सवाल पूछा गया कि क्या सरकार इन पदों पर नई भर्ती परीक्षा कराने पर विचार कर रही है, तो सरकार की ओर से दो टूक जवाब मिला- 'जी नहीं'।
UP Teacher Recruitment: यूपी में शिक्षक-छात्र अनुपात क्या है?
मंत्री ने एक बार फिर दोहराया कि प्रदेश के विद्यालयों में पर्याप्त संख्या में शिक्षक और शिक्षामित्र कार्यरत हैं, जिससे शिक्षक-छात्र अनुपात बना हुआ है। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के सहयोग से पठन-पाठन का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। 1 अप्रैल 2022 से 8 जनवरी 2026 तक सरकार ने केवल 5,856 अभ्यर्थियों को नियुक्तियां दी हैं, जो पुरानी भर्तियों से जुड़ी थीं।
शिक्षामित्रों को राहत और मानदेय पर विचार
भले ही नई भर्ती पर 'ब्रेक' लगा हो, लेकिन सरकार ने शिक्षामित्रों के लिए कुछ सकारात्मक संकेत दिए हैं। मंत्री ने बताया कि शिक्षामित्रों को 5 लाख रुपये की कैशलेस चिकित्सा सुविधा और मनचाही जगहों पर तबादले की राहत दी गई है। साथ ही, उनके मानदेय को बढ़ाने पर भी सरकार विचार कर रही है, जिसकी जानकारी जल्द ही सदन को दी जाएगी।
कब हुई थी आखिरी बड़ी भर्ती?
उत्तर प्रदेश में आखिरी बड़ी सहायक शिक्षक भर्ती (69,000 पद) साल 2019 में निकाली गई थी। तब से अब तक लाखों नए अभ्यर्थी TET और CTET पास करके भर्ती का इंतजार कर रहे हैं। विपक्ष ने आरोप लगाया कि भर्ती न निकलने के कारण यूपी के युवा दूसरे राज्यों में परीक्षा देने को मजबूर हैं।












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