चौंकानेवाला खुलासा, यूपी के स्कूल जिनमें बच्चे हैं लेकिन एक भी शिक्षक नहीं
बरेली में एक आरटीआई एक्टिविस्ट ने चौंकानेवाला खुलासा किया है। आरटीआई से पता चला कि कई स्कूल ऐसे हैं जिनमें शिक्षक ही नहीं हैं।
बरेली। सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद भी सरकारी स्कूलों के हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। बरेली की बात करें तो सैकड़ों बच्चे ऐसे स्कूलों में पंजीकृत हैं जहां पर शिक्षकों की तैनाती ही नहीं है जबकि कई स्कूलों में मानक से अधिक शिक्षक तैनात हैं। इसका खुलासा एक समाजसेवी की आरटीआई से हुआ है।

बरेली में स्कूल में बच्चे हैं, शिक्षक नहीं
बरेली जिले के 2100 प्राथमिक विधालयों में 213850 बच्चे पंजीकृत हैं जिन्हें पढ़ाने के लिए 7369 शिक्षकों की तैनाती की गयी है। जिले में 794 उच्च प्राथमिक हैं जिनमें 58533 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। इन्हें पढ़ाने के लिए 2260 अध्यापकों की तैनाती की गयी है। अनुपात के लिहाज से प्राथमिक विद्यालयों के 30 बच्चों पर एक शिक्षक की तैनाती होनी चाहिए साथ ही उच्च प्राथमिक स्कूलों के 26 बच्चों पर एक शिक्षक होना चाहिए लेकिन हालात इससे जुदा हैं।

आरटीआई से हुआ यह खुलासा
समाजसेवी सुशील पाठक की आरटीआई से खुलासा हुआ है कि जिले के 13 प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक ही नहीं हैं जबकि 14 स्कूल ऐसे हैं जिनमें 100 से ज्यादा बच्चे पढ़ रहे हैं लेकिन इनको पढ़ाने की जिम्मेदारी सिर्फ एक या दो शिक्षकों पर ही है। 26 स्कूल ऐसे हैं जहां पर शिक्षकों की भरमार है जिनमें बहेड़ी के टांडा छंगा में 12 बच्चों को पढ़ाने के लिए पांच अध्यापक, बिथरी चैनपुर के पेहरापुर में 14 छात्रों को पढ़ाने के लिए चार अध्यापकों की तैनाती है।
देखिए इस मामले से जुड़ा यह वीडियो
क्यारा के कांधरपुर में 176 बच्चों के लिए 9 अध्यापक तैनात किए गए हैं। इसी तरह से जनपद में 19 विद्यालय शिक्षकविहीन हैं जबकि यहां पर सैकड़ों बच्चे पंजीकृत हैं। 10 स्कूल ऐसे हैं जहां पर बच्चे अधिक हैं लेकिन यहां पर एक या दो शिक्षक ही तैनात हैं जबकि 45 ऐसे स्कूल हैं जहां पर ज्यादा शिक्षक तैनात हैं। पण्डित सुशील पाठक के अनुसार सेटिंग के दम पर शिक्षक समायोजन करा लेते हैं जिससे ये हालात बने है। जिले में शिक्षकों की कमी नहीं है लेकिन उनकी तैनाती ठीक प्रकार से नहीं की गयी है।












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