UP Govt Scheme: 1540 नए रूट, हर गांव तक बस! योगी सरकार का ये फैसला बदलेगा उत्तर प्रदेश का भविष्य
UP Govt Scheme: उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के 28 हजार गांवों तक रोडवेज बस सेवा पहुंचाने की बड़ी योजना बनाई है। प्रयागराज महाकुंभ के लिए मंगाई गई 3000 बसों को अब ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इसके तहत 1540 नए रूट तैयार किए जाएंगे, जिससे ग्रामीणों को बेहतर यात्रा सुविधा मिलेगी।
शुक्रवार को विधानसभा में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने यह घोषणा की। उन्होंने बताया कि यह कदम ग्रामीण इलाकों में आवागमन को सुगम बनाने के लिए उठाया गया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ग्राम जोड़ो योजना के तहत भी परिवहन सेवाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे गांवों में बस सेवाओं की कमी पूरी की जा सके।

हर गांव तक पहुंचेगी रोडवेज बस सेवा
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि महाकुंभ के लिए आईं 3000 बसों को महाकुंभ समाप्त होने के बाद गांवों में भेजा जाएगा। इसके लिए कुल 1540 नए रूट तैयार किए जाएंगे। इन रूटों के जरिए उन गांवों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां अभी तक कोई पब्लिक ट्रांसपोर्ट सुविधा नहीं है।
जो गांव इन रूटों में शामिल नहीं हो पाएंगे, उनके लिए भी अलग से योजना तैयार की जा रही है। जरूरत पड़ने पर छोटे वाहनों को खरीदा जाएगा ताकि हर गांव को परिवहन नेटवर्क से जोड़ा जा सके।
इलेक्ट्रिक और डीजल बसों की खेप भी जल्द
प्रदेश सरकार केवल डीजल बसों पर निर्भर नहीं रहेगी, बल्कि अब इलेक्ट्रिक बसों की भी खेप मंगाई जा रही है। परिवहन मंत्री ने बताया कि सरकार का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन को अधिक किफायती और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है।
छोटे गांवों में जहां बड़े बसों का संचालन मुश्किल होगा, वहां छोटी बसों को चलाने की योजना बनाई जा रही है। इसके लिए परिवहन विभाग जल्द ही नई बसों की खरीद प्रक्रिया शुरू करेगा।
शुक्रवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने सपा सदस्यों के सवालों का जवाब दिया। उन्होंने बताया कि यूपी सरकार अब तक 6,638 नई बसें खरीद चुकी है। इन बसों में से 3000 बसें महाकुंभ के लिए खरीदी गई थीं।
उन्होंने बताया कि यूपी परिवहन विभाग किसी भी बस को 11 लाख किलोमीटर की दूरी तय करने या 10 साल तक सेवा देने के बाद बेड़े से हटा देता है। हालांकि, कुछ विशेष परिस्थितियों में बसों को मरम्मत कराकर 15 साल तक भी चलाया जाता है।
डग्गामार बसों पर भी हुई चर्चा
परिवहन मंत्री ने दावा किया कि प्रदेश में अब कोई भी डग्गामार बस संचालित नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि निजी बसें केवल नेशनल परमिट लेकर चलाई जा रही हैं और उन्हें बीच-बीच में सवारियां लेने की अनुमति नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी निजी बस संचालक द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जाता है, तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार प्रदेश की परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।












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