UP Politics: सियासत के माहिर खिलाड़ी हैं दारा सिंह चौहान, इस्तीफे से पहले अमित शाह से मिले, मिलेगा इनाम

यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री और पूर्व सांसद दारा सिंह चौहान ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा मंजूरी भी कर लिया गया है।

Dara Singh Chauhan meet Amit Sah: उत्तर प्रदेश में जैसे जैसे लोकसभा चुनाव करीब आ रहा है वैसे वैसे यूपी की सियासत में भगदड़ मच रही है। 2024 से पहले ही सपा के मुखिया अखिलेश यादव के लिए मुश्किलें पैदा होनी शुरू हो गई हैं। रालोद के मुखिया जयंत चौधरी ने अभी सपा से बगावत के संकेत दिए ही थे कि सपा का दामन थामने वाले पूर्व मंत्री दारा सिंह ने अखिलेश का साथ छोड़कर उन्हें बड़ा झटका दे दिया है।

दारा थामेंगे बीजेपी का दामन

समाजवादी पार्टी (सपा) विधायक दारा सिंह चौहान ने शनिवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा से इस्तीफा दे दिया। सूत्रों ने कहा कि वह जल्द ही भाजपा में शामिल होंगे। उन्होंने एक दिन पहले दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात की थी। ऐसी अटकलें हैं कि वह कभी भी बीजेपी का दामन थाम सकते हैं।

अमित शाह

बीजेपी सरकार में मंत्री थे दारा

चौहान पिछली योगी आदित्यनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री थे लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने इस्तीफा दे दिया था और सपा में शामिल हो गए थे। पूर्वी यूपी के एक ओबीसी नेता, वह सपा के चुनाव चिन्ह पर मऊ जिले की घोसी सीट से चुने गए थे।

त्यागपत्र में नहीं बतायी इस्तीफे की वजह

यूपी विधानसभा के सूत्रों ने चौहान के इस्तीफे की पुष्टि की। हालांकि उन्होंने अपने त्याग पत्र में इस कदम का कोई कारण नहीं बताया है। स्पीकर सतीश महाना ने चौहान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ''दारा सिंह चौहान बहुत जल्द बीजेपी में शामिल होंगे। लेकिन अभी यह तय नहीं हुआ है कि वह किस सीट से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे।''

घोषी से लोकसभा का टिकट दे सकती है बीजेपी

हालांकि, एक अन्य भाजपा नेता ने कहा कि पार्टी चौहान को घोसी लोकसभा क्षेत्र से मैदान में उतार सकती है, जहां से 2019 में सपा के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ते हुए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने जीत हासिल की थी।

12 जनवरी 2022 को दिया था योगी कैबिनेट से इस्तीफा

चौहान 2017 से 2022 तक आदित्यनाथ कैबिनेट में वन, पर्यावरण और पशुपालन के कैबिनेट मंत्री थे। उन्होंने 12 जनवरी, 2022 को कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया। अपने त्याग पत्र में, चौहान ने तब कहा था कि वह भाजपा सरकार द्वारा नजरअंदाज किये जाने से परेशान थे। पिछड़े वर्गों, वंचितों, दलितों, किसानों और बेरोजगार युवाओं और पिछड़े वर्गों और दलितों के लिए आरक्षण के साथ "खिलवाड़" करने का आरोप लगाकर उन्होंने बीजेपी छोड़ दी थी।

अखिलेश को बताया था समाजिक न्याय का सिपाही

तब सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक ट्वीट कर चौहान को सामाजिक न्याय का सिपाही बताया था। चौहान ने अपना राजनीतिक करियर बसपा से शुरू किया और बाद में सपा में शामिल हो गये। वह 1996 और 2000 में दो बार राज्यसभा के लिए चुने गए थे।

सपा के टिकट पर जीतकर पहुंचे थे विधानसभा

राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो विधाानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने अखिलेश का साथ दिया था। सपा ने उनको टिकट दिया था जहां से वो जीतकर आए थे। हालांकि पूर्वांचल के एक दिग्गज नेता ओम प्रकाश राजभर ने पहले ही अखिलेश का साथ छोड़ दिया था। राजभर के बाद अब दारा सिंह चौहान का साथ छोड़ना सपा के लिए पूर्वांचल में काफी भारी साबित हो सकता है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+