यूपी: शवों के लिए पुलिस नहीं कर पाई कफन की व्यवस्था, अखबार से ढक खुले में रखा शव
अमेठी। यूपी के अमेठी स्थित जगदीशपुर कोतवाली से यूपी पुलिस को शर्मसार करने वाली तस्वीरें सामनें आई हैं। सोमवार को कोतवाली क्षेत्र में मां और उसकी दुधमुंही बेटी की लाश झाड़ियों में पाई गई थी। पुलिस एक्सीडेंट बताकर शिनाख्त के लिए लाश को कोतवाली ले आई थी और रात भर लाश को अखबार से ढ़क कर खुले आसमान के नीचे छोड़ रखा था। हैरत की बात ये है कि जिस कोतवाली का ये मामला है वो कोतवाली योगी सरकार के मंत्री सुरेश पासी की विधानसभा क्षेत्र में है। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि जब मंत्री के इलाके की पुलिस इस तरह लापरवाह है तो पूरे जिले की पुलिस का क्या आलम होगा अंदाजा लगाया जा सकता है।

झाड़ी में मिला मां-बेटी का शव
पुलिस के अनुसार सोमवार को स्थानीय थाना क्षेत्र के मटियारी गांव निवासी अनिल कुमार अपनी दो वर्षीय पुत्री शर्मिला और पत्नी सुनीता को बाइक से अस्पताल इलाज के लिए लेकर जा रहा था। वो रानीगंज के प्रेमगढ़ गाव के पास पहुंचा ही था कि रास्ते में गड्ढ़े में फंस कर बाइक अनियंत्रित होकर पलट गई। गंभीर चोट आनें से सुनीता और उसकी पुत्री की मौत हो गई, जबकि पति बाल-बाल बच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। मजे की बात ये है कि हादसे की जो कहानी पुलिस ने बयां की ठीक वही कहानी मृतका का पति भी बयां कर रहा है। जिससे दाल में काला नजर आ रहा।

मायके वालों नें लगाया हत्या का आरोप
मृतका के मायके वालों नें आरोप लगाया है कि पति अनिल कुमार दूसरी पत्नी को रखे हुए है। इस कारण उसने मृतका और बच्ची की हत्या कर लाश को ठिकाने लगाने के लिए झाड़ी में फेंक दिया था। जब उन्हें सूचना लगी तो वो थाने पर आए, यहां उन्होंने तहरीर दी। पुलिस नें उन्हें फटकार कर भगा दिया और सुलह का दबाव बनाया। यही नहीं पुलिस इस कद्र निर्दयता पूर्ण व्यवहार पर उतर आई कि रात भर कोतवाली परिसर में खुले आसमान के नीचे अखबार से ढक कर मां-बेटी के शव को रखा। पुलिस ने मॉर्चरी में लाश को भेजना भी गवारा नहीं समझा। जबकि परिजन बताते हैं कि वो शाम 5 बजे यहां पहुंच गए थे।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आनें के बाद साफ होगी स्थिति: एसपी
इस बाबत एसपी अमेठी नें बताया कि प्रथम दृष्या मामला सड़क दुर्घटना का नजर आ रहा है। लाश को कब्जे में ले लिया गया है। वैसे सही स्थित का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आनें के बाद ही हो सकेगा। हां परिजनों को कोई आपत्ति है तो वो तहरीर दें और रिपोर्ट आनें के बाद अवाश्यक कार्रवाई की जाएगी।












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