ऐश्वर्या राय के फर्जी पासपोर्ट के साथ ग्रेटर नोएडा से अरेस्ट किए गए तीन जालसाज, डेटिंग ऐप्स से कर रहे थे ठगी
यूपी पुलिस ने ग्रेटर नोएडा से तीन जालसाजों को अरेस्ट किया है। इनके पास से भारी मात्रा में पुलिस ने नगदी भी बरामद की है।

उत्तर प्रदेश पुलिस ने ग्रेटर नोएडा से तीन जालसाजों को अरेस्ट किया है। इनके पास से बॉलीवुड एक्ट्रेस ऐश्वर्या राय की फोटो लगा फर्जी पासपोर्ट बरामद किया गया है। पुलिस ने आरोपियों से इस बात की पूछताछ कर रही है कि वो ऐश्वर्या राय की लगी फोटो वाले फर्जी पासपोर्ट से क्या करने वाले थे। यह गिरोह दवा कंपनी के नाम पर ठगी करने में भी शामिल था।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वे करीब 1.80 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी में शामिल थे। ये गैंग मैट्रिमोनियल साइट्स और डेटिंग ऐप्स के जरिए भी लोगों को निशाना बनाकर ठगी कर रहा था।
यूपी पुलिस को ऐश्वर्या की फोटो वाला एक फर्जी पासपोर्ट इनके पास से बरामद किया है। जिसमें बर्थ प्लेस भावनगर, गुजरात और डेट ऑफ बर्थ 18 अप्रैल, 1990 लिखी हुई है। पुलिस ने आरोपी से 2.50 लाख, ₹11 करोड़ की नकली और अन्य उपकरण भी बरामद किए। उन्होंने गिरोह से 10,500 पाउंड भी बरामद किए।गिरोह ने अब तक कितनी मशहूर हस्तियों के फर्जी दस्तावेज तैयार किए हैं, इसकी जांच पुलिस ने शुरू कर दी है।
इससे पहले 2012 में टीओआई रिपोर्ट के अनुसार एक्टेस ऐश्वर्या राय के नाम के साथ गुजरात से एक पासपोर्ट कॉपी बरामद हुई थी। उस पासपोर्ट की फोटोकॉपी में ऐश्वर्या राय की फोटो, पूरा नाम, डेथ ऑफ बर्थ, बर्थ प्लेस और पासपोर्ट नंबर दिखाया गया था। जन्म स्थान के कॉलम में मैंगलोर, कर्नाटक और जन्म तिथि के कॉलम 1/11/1973 दर्ज था । फोटोकॉपी से पता चला था कि पासपोर्ट का रिनूवल 2 मई, 2006 को किया गया था।
ऐश्वर्या को हाल के वर्क फ्रंट की बात की जाए तो हाल ही में निर्देशक मणिरत्नम की एक्शन ड्रामा फिल्म पोन्नियिन सेलवन -1 में नजर आई थी। जिसे दर्शकों ने पसंद किया था। फिल्म में विक्रम, तृषा कृष्णन कार्तिक शिवकुमार और जयम रवि मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म पोन्नियिन सेलवन -1 ने सभी भाषाओं में दुनिया भर में ₹300 करोड़ से अधिक की कमाई की है।
वहीं ऐश्वर्या राय बच्चन की अपकमिंग फिल्म जेलर है जिसमें ऐश्वर्या रजनीकांत, राम्या कृष्णन, प्रियंका अरुल मोहन और शिव राजकुमार के साथ जेलर नजर आएंगी। फिल्म की आधिकारिक रिलीज की तारीख का अभी भी इंतजार है।
पुलिस को सूचना मिली थी कि यह गिरोह एबॉट फार्मास्यूटिकल्स कंपनी सहित अन्य कंपनियों का प्रतिनिधि बनकर धोखाधड़ी कर रहा है। उन्होंने स्तन कैंसर की दवा बनाने के लिए कोलानाट खरीदने के लिए एक सेवानिवृत्त कर्नल को भी बरगलाया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास वीजा और पासपोर्ट नहीं था। उनके ठगी में पासपोर्ट की क्या भूमिका रही, इसका पुलिस पता लगा रही है।












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