UP Nikay Chunav 2023: दूसरे चरण के मतदान से पहले Samajwadi Party ने आयोग से की खास अपील
उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव को लेकर दूसरे चरण का मतदान 11 मई को होना है। मतदान से ठीक पहले समाजवादी पार्टी ने आयोग को पत्र लिखकर निष्पक्ष चुनाव कराने की अपील की है।

Samajwadi Party: उत्तर प्रदेश में चल रहे निकाय चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने पहले चरण में हुई कथित धांधली को लेकर सपा ने आयोग को एक पत्र लिखा है। आयोग को सोमवार को भेजे गए पत्र में 11 मई को 38 जिलों में दूसरे और अंतिम चरण के निकाय चुनाव में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने का अनुरोध किया गया है। इसके साथ ही ससपा ने 10 मई को छानबे सीट पर होने वाले उपचुनाव में भी आयोग से दखल देने की मांग की है।
सपा ने आयोग को लिखा पत्र
पार्टी के राष्ट्रीय सचिव, राजेंद्र चौधरी ने दावा किया कि मतदाता सूची और मतदान केंद्रों में बदलाव में विसंगतियां थीं, जिसकी वजह से मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करने से वंचित किया गया। इस बीच सपा के वरिष्ठ नेता अरविंद कुमार सिंह ने 10 मई को छानबे (मिर्जापुर) में होने वाले उपचुनाव में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी द्वारा सत्ता के दुरूपयोग की भारत निर्वाचन आयोग से शिकायत की है।
पहले चरण में कथित धांधली का आरोप
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय सचिव और पूर्व यू.पी. मंत्री राजेंद्र चौधरी ने कहा कि पहले चरण का चुनाव 4 मई को 37 जिलों में हुआ था। इन जिलों में पहले चरण के मतदान में, मतदाता सूची में विसंगतियाँ थीं और उसी समय मतदान केंद्रों में अनुचित परिवर्तन हुए। यह सब बड़ी संख्या में मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करने से वंचित करता है। उन्होंने दूसरे चरण में विसंगतियों को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था की मांग की है।
उपचुनाव को प्रभावित कर सकती है बीजेपी
इस बीच सपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद अरविंद कुमार सिंह ने 10 मई को होने वाले छनबे (मिर्जापुर) उपचुनाव में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी द्वारा सत्ता के दुरूपयोग की शिकायत भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर की है। सिंह ने अपने पत्र में कहा कि सत्ता पक्ष और उसकी सहयोगी अपना दल सत्ता का दुरुपयोग कर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं और सपा समर्थकों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज करा रहे हैं।
सपा ने लगाया प्रशासन पर बड़ा आरोप
पत्र में कहा गया है कि यह देखने में आया है कि भाजपा और अपना दल के जिलाध्यक्षों ने सपा के कुछ नेताओं, समर्थकों और कार्यकर्ताओं की पहचान की है और उन पर दबाव बनाने के लिए पुलिस को उनके नामों की सूची दी है। और पुलिस उन एसपी वालों को परेशान कर रही थी। बयान में सिंह के हवाले से कहा गया है कि यह सब आदर्श आचार संहिता और चुनाव आयोग की भावना का घोर उल्लंघन है।












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