UP News: योगी सरकार का बड़ा ऐलान, हर यूपी के गांव में होगा जल संरक्षण और रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य
UP News: उत्तर प्रदेश में जल संरक्षण को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अब राज्य के हर गांव में पानी बचाने और भूजल बढ़ाने की योजनाएं तेजी से लागू होंगी। योगी ने साफ किया कि पानी की हर बूंद भविष्य की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने शनिवार को नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति विभाग की बैठक में अफसरों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल संकट अब केवल ग्रामीण समस्या नहीं, बल्कि पूरे समाज की चिंता बन चुका है। सरकार इस दिशा में मिशन मोड में काम कर रही है।

योगी ने कहा कि प्रदेश में अब तक छह हजार से ज्यादा चेकडैम बनाए जा चुके हैं। इनसे लाखों हेक्टेयर खेतों में सिंचाई की सुविधा बढ़ी है। उन्होंने बताया कि हर चेकडैम से औसतन 20 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई क्षमता बढ़ी है।
वर्षा जल संचयन पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश का पानी ही सबसे बड़ा स्रोत है। इसे जमीन में रोकने और सहेजने की जरूरत है। योगी सरकार ने अब तक एक हजार से अधिक पुराने चेकडैमों की सफाई और मरम्मत कराई है, जिससे उनकी क्षमता बढ़ी है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के हजारों तालाबों का भी पुनर्निर्माण किया गया है। कई जगह नए तालाब बन रहे हैं, ताकि गांवों में पानी की कमी न हो। सरकार का लक्ष्य है कि हर क्षेत्र में वर्षा जल संचयन के बेहतर साधन हों।
रेन वाटर हार्वेस्टिंग अब अनिवार्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि 100 वर्ग मीटर से बड़े सभी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना जरूरी होगा। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि इसका कड़ाई से पालन कराया जाए। इससे शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में पानी की समस्या काफी घटेगी।
योगी ने कहा कि अगर हर घर बारिश के पानी को सहेजने लगे, तो भूजल स्तर अपने आप बढ़ जाएगा। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल सरकारी नहीं, बल्कि जनभागीदारी का अभियान है।
प्रदेश में भूजल स्तर में आया सुधार
सरकार के प्रयासों से प्रदेश में भूजल की स्थिति में सुधार देखने को मिला है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 2017 में 82 क्षेत्र अतिदोहित श्रेणी में थे, जो अब घटकर 50 रह गए हैं। इसी तरह क्रिटिकल क्षेत्र भी कम हुए हैं।
योगी ने कहा कि आने वाले वर्षों में सरकार का लक्ष्य है कि सभी अतिदोहित क्षेत्र सामान्य स्थिति में आ जाएं। इसके लिए वैज्ञानिक तकनीक और स्थानीय योजनाओं का उपयोग किया जाएगा।
नलकूपों का आधुनिकीकरण शुरू
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि अब सरकारी नलकूपों की मरम्मत और आधुनिकीकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सिंचाई के पानी का दुरुपयोग रोकना जरूरी है। इसके लिए नई तकनीक अपनाई जाएगी।
योगी ने सरयू नहर, बाण सागर और मध्य गंगा परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन योजनाओं को तेज़ी से पूरा किया जाए ताकि किसानों को पानी की दिक्कत न हो।
सरकार का मानना है कि बेहतर जल प्रबंधन से किसानों की आय में वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब पानी उपलब्ध रहेगा तो किसान साल में दो से तीन फसलें ले सकेंगे। इससे गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।












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