UP News: वैष्णो देवी यात्रा के दौरान भूस्खलन से यूपी के 11 श्रद्धालुओं की मौत, योगी सरकार ने किया राहत का ऐलान
UP News: जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में वैष्णो देवी धाम जाते समय हुए अचानक भूस्खलन ने उत्तर प्रदेश के दर्जनों परिवारों को झकझोर दिया। रविवार शाम हुई इस घटना में उत्तर प्रदेश के 11 श्रद्धालुओं की मौत हो गई जबकि 14 लोग घायल होकर अस्पतालों में भर्ती हैं।
हादसे में लखनऊ की चांदनी की जान चली गई जबकि उनके पति मयंक गंभीर रूप से घायल हैं। रेस्क्यू टीम ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में शिफ्ट किया। धाम के रास्ते पर घंटों अफरा-तफरी का माहौल रहा।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुख जताते हुए कहा कि हर पीड़ित परिवार को पूरी सहायता दी जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि मृतकों के शव जल्द उनके घरों तक पहुंचाए जाएं और घायल श्रद्धालुओं को प्राथमिकता के आधार पर उपचार मिले।
प्रशासनिक रिपोर्ट और राहत की घोषणा
राहत आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने बताया कि मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। घायलों के इलाज के लिए भी विशेष व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन के अनुसार मृतक श्रद्धालुओं में आगरा, मुजफ्फरनगर और बरेली के लोग शामिल हैं। आगरा से तीन, मुजफ्फरनगर से तीन और बरेली से एक श्रद्धालु की जान गई है। इसके अलावा अन्य जिलों के चार लोगों की पहचान भी की जा चुकी है।
आगरा का परिवार हादसे की चपेट में
रकाबगंज, आगरा के अर्जुन सिंह का परिवार इस हादसे से तबाह हो गया। उनकी पत्नी सुनीता, 11 महीने की बेटी सेजल और 11 साल की बेटी भावना की मौके पर ही मौत हो गई। तीनों के शवों को एंबुलेंस से आगरा लाया जा रहा है।
अर्जुन सिंह और एक अन्य सदस्य अभी तक लापता बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने सर्च ऑपरेशन जारी रखा है। परिवारजन इस दुखद खबर से काफी परेशान हैं। उनके घर रिश्तेदार और पड़ोसी पहुंचकर संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।
मुजफ्फरनगर और बरेली के लोग भी शिकार
इस हादसे में यूपी के मुजफ्फरनगर से आए कार्तिक, अनंत और दीपेश की भी मलबे में दबकर मौत हो गई। इसी तरह बरेली की नीरा की भी मौत की पुष्टि हुई है। अन्य चार श्रद्धालुओं के जिलों की जानकारी प्रशासन ने अभी सार्वजनिक नहीं की है।
प्रशासन ने कहा कि सभी शव 24 घंटे के भीतर घरों तक पहुंचा दिए जाएंगे ताकि परिजन अंतिम संस्कार कर सकें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सभी घायलों को बेहतर इलाज मिलना सुनिश्चित किया जाएगा। लखनऊ के मयंक समेत गंभीर रूप से घायल लोगों को विशेष चिकित्सकीय देखरेख में रखा गया है।












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