UP News: उत्तर प्रदेश में सूक्ष्म खाद्य उद्योग को नई रफ्तार, युवाओं और छोटे उद्यमों को मिला बड़ा अवसर
UP News: उत्तर प्रदेश सरकार छोटे और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने में जुटी है। योगी सरकार की योजनाओं ने न सिर्फ शहरों, बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी रोजगार और नए उद्योगों की राह खोली है। इस वजह से राज्य में छोटे उद्यमों का उत्साह बढ़ा है।
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना में उत्तर प्रदेश ने देश में पहला स्थान हासिल किया है। बैंकों द्वारा 98 प्रतिशत तक ऋण मंजूरी मिलने से उद्योगपतियों को परियोजनाएं शुरू करने में तेजी मिली है।

सरकारी अनुदान और आसान ऋण प्रक्रिया ने युवाओं को उद्यमिता की ओर खींचा है। छोटे उद्योगों को समय पर वित्तीय मदद मिलने से उनकी परियोजनाएं बिना रुकावट शुरू हो रही हैं।
उत्तर प्रदेश ने दूसरे राज्यों को पीछे छोड़ा
टर्म लोन की मंजूरी में उत्तर प्रदेश ने राष्ट्रीय औसत को भी पीछे छोड़ दिया है। जहां देश में औसतन 150 दिन लगते हैं, वहीं यूपी में यह प्रक्रिया सिर्फ 100 दिन में पूरी हो जाती है।
इस तेज प्रक्रिया से उद्यमियों को फायदा हुआ है। उन्हें परियोजनाएं समय पर शुरू करने का मौका मिला है और नए उद्योग खुलने से रोजगार भी बढ़ रहा है।
रोजगार बढ़ने की संभावनाएं
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि खाद्य उत्पादों पर जीएसटी दर घटने से मांग बढ़ी है। छोटे उद्योगों को इससे नई ताकत मिली है और उत्पादन बढ़ाने के मौके बढ़ गए हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी रोजगार बढ़ने की संभावनाएं बढ़ीं हैं। उद्योगों के विस्तार और उत्पादन वृद्धि से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
वर्चुअल समीक्षा बैठक में अहम फैसले
बुधवार को आयोजित वर्चुअल समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव बीएल मीणा ने अध्यक्षता की। बैठक में केंद्र सरकार और बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
बैठक में कुछ बैंकों के जोनल अधिकारियों के प्रदर्शन पर सुधार के लिए नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। इससे योजना का लाभ समय पर सभी उद्यमियों तक पहुंचेगा।
अयोध्या, सुल्तानपुर, कौशांबी और प्रयागराज जिलों के अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देने का फैसला लिया गया। इन जिलों ने योजना के सफल कार्यान्वयन में अहम भूमिका निभाई।
राज्य सरकार की ओर से अब तक 250 करोड़ रुपये का अनुदान जारी किया जा चुका है। इससे यह साबित होता है कि यूपी का मॉडल प्रभावी और प्रेरणादायक है।
प्रदेश में अब तक 400 से ज्यादा परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है। इन परियोजनाओं की कुल लागत 10,000 करोड़ रुपये से अधिक है। इनमें से लगभग 60 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं।
सरकारी अनुदान और आसान ऋण नीतियों ने नए उद्योगों को स्थापित करने का रास्ता आसान किया है। इससे रोजगार और राज्य की आर्थिक मजबूती दोनों बढ़ रही हैं।












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