UP Lok Sabha Chunav:ये बन सकेंगे काउंटिंग एजेंट, प्रत्येक मतगणना हॉल में होगा एक ब्लैक बोर्ड, देखें पूरी डिटेल
Uttar Pradesh Lok Sabha Chunav News: लोकसभा चुनाव में पड़े मतों की काउंटिंग मंगलवार को होगी। इसे लेकर उत्तर प्रदेश निर्वाचन आयोग ने कई महत्वपूर्ण निर्देश भी जारी किए हैं।
▪️मतगणना एजेंट नियुक्त करने के लिए अभ्यर्थियों द्वारा 18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति को काउंटिंग एजेंट बनाया जा सकता है। केंद्र/राज्य सरकार के मंत्रिपरिषद के सदस्यों, सांसदों, विधायकों, मेयर, नगर पालिका परिषद / नगर पंचायत के अध्यक्ष को काउंटिंग एजेंट बनाए जाने पर प्रतिबंध है। केंद्र / राज्य सरकार से सुरक्षा प्राप्त व्यक्तियों को काउंटिंग एजेंट बनाए जाने पर भी प्रतिबंध है। हालांकि,निर्वाचन क्षेत्र के निवासी ग्राम प्रधान, सरपंच, पंचायत सदस्यों, सभासद आदि को काउंटिंग एजेंट बनाए जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। अप्रवासी भारतीय को भी काउंटिंग एजेंट बनाया जा सकता है।

▪️सभी लोक सभा क्षेत्रों में पोस्टल बैलेट की गणना के लिए अतिरिक्त कक्ष का अनुमोदन भारत निर्वाचन आयोग द्वारा प्रदान किया गया है। पोस्टल बैलेट की गणना के लिए होम वोटिंग एवं वोटर फैसिलिटेशन सेंटर पर प्राप्त पोस्टल बैलेट मतों की गणना प्रातः 8 बजे प्रारंभ होगी तथा सर्विस वोटर से प्राप्त ईटीपीबीएस की स्कैनिंग भी प्रातः 8.00 बजे से प्रारंभ की जाएगी। स्कैनिंग के बाद ईटीपीबीएस मतों की गणना टेबल पर की जाएगी। ईटीपीबीएस की स्कैनिंग / प्री काउंटिंग के लिए 871 टेबल एवं पोस्टल बैलेट की मतों की गणना 794 टेबल पर की जाएगी।
▪️मतगणना स्थल की सुरक्षा के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। प्रथम स्तर की सुरक्षा मतगणना स्थल से 100 मीटर की परिधि पर होगी, जहां क्षेत्रीय पुलिस बल तैनात रहेगा। वहीं, द्वितीय स्तर की सुरक्षा मतगणना स्थल के गेट पर होगी, जहां राज्य पुलिस बल तैनात रहेगी। तृतीय स्तर की सुरक्षा मतगणना हाल के लिए होगी जो कि सीएपीएफ की निगरानी में होगी।
▪️मतगणना परिसर में मीडिया सेंटर स्थापित किया जा रहा है। सूचना विभाग से 1 अधिकारी मीडिया सेंटर का प्रभारी रहेगा। आरओ द्वारा नियुक्त अधिकारी समय-समय पर छोटे समूहों में मीडिया बंधुओं को कुछ समय के लिए मतगणना हाल का भ्रमण भी कराएंगे। मतगणना हाल के भीतर भारत निर्वाचन आयोग से जारी मीडिया पास धारक मीडिया बंधु को ही कैमरा (बिना स्टैंड) ले जाने की अनुमति होगी। केवल मीडिया सेंटर पर ही मीडिया बंधुओं द्वारा मोबाइल फोन, कैमरे का प्रयोग किया जा सकेगा। प्रत्येक मतगणना स्थल पर पब्लिक कम्यूनिकेशन कक्ष भी स्थापित किया जा रहा है, जहां पर प्रत्याशी व उनके एजेंट आवश्यकता पड़ने पर मोबाइल फोन का प्रयोग कर सकते हैं तथा उनके फोन सुरक्षित रखे जाने की व्यवस्था भी की जा रही है।
▪️प्रत्याशी, उनके अभिकर्ता, मतगणना कार्मिकों एवं अन्य कर्मचारियों के लिए स्वच्छ एवं शीतल पेयजल तथा शौचालय की पर्याप्त व्यवस्था किए जाने के निर्देश समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों को जारी किए गए हैं। समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि हीटवेव व भीषण गर्मी से बचाव के लिए ''क्या करें और क्या न करें'' की सलाह पर विशेष जोर दिया जाए। हीट वेव से बचाव के लिए पर्याप्त ओआरएस/मेडिकल किट एवं मेडिकल टीम भी मतगणना स्थल पर उपलब्ध रहेगी। प्रत्याशी, उनके अभिकर्ता, मतगणना कार्मिकों एवं अन्य कर्मचारियों के बैठने के स्थान पर पंखे, कूलर एवं मिस्ट फैन की भी व्यवस्था किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
▪️प्रत्येक मतगणना हॉल में 1 ब्लैक बोर्ड/व्हाइट बोर्ड की व्यवस्था की जाएगी जिसमें प्रत्याशियों के नाम व राउंडवार परिणाम लिखा जाएगा ताकि सभी मतगणना एजेंट उसे देख सकें। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र एवं लोकसभा क्षेत्र में पब्लिक एड्रेस सिस्टम की भी व्यवस्था की गई है। सबसे पहले प्रत्येक टेबल पर काउंटिंग एजेंट के बैठने की व्यवस्था रहेगी। सबसे आगे मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजनैतिक दल, उसके बाद रजिस्ट्रीकृत अमान्यता प्राप्त दल तथा उसके बाद निर्दलीय प्रत्याशी के एजेंट बैठेंगे।
▪️टेबल पर कंट्रोल यूनिट (सीयू) आने के बाद मतगणना पर्यवेक्षक द्वारा सीयू0 का नम्बर दिखाया जाएगा, जिससे स्पष्ट होगा कि यह सीयू उसी बूथ से संबंधित है। सीयू के साथ 17सी भाग-1 में उल्लिखित मतों को एजेंटों को बताया जाएगा। इसके बाद सीयू को ऑन कर प्रत्याशीवार मतगणना परिणाम 17सी भाग-2 पर अंकित किया जाएगा। किसी एजेंट द्वारा पुनः परिणाम दिखाए जाने के अनुरोध पर मतगणना पर्यवेक्षक द्वारा पुनः परिणाम दिखाया जाएगा। 17सी भाग-2 पर मतगणना पर्यवेक्षक एवं काउंटिंग एजेंट के हस्ताक्षर के बाद एक प्रति फीडिंग के लिए जाएगी तथा दूसरी प्रति काउंटिंग एजेंट को प्राप्त कराई जाएगी। सभी राउंड की शीट की एक प्रति राउंड की घोषणा के बाद एआरओ टेबल के एजेंट को भी दी जाएगी।
▪️यदि किसी बूथ से संबंधित सीयू की डिस्प्ले न दिखने से सीयू से परिणाम नहीं निकलता है तो ऐसे में समस्त ईवीएम की मतगणना के बाद उस बूथ के वीवीपैट स्लिप की गणना की जाएगी। यदि किसी कारण से किसी बूथ की सीयू से मॉक पोल के मतों को नहीं हटाया गया है तो सीयू से मतगणना नहीं की जाएगी।












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