यूपी में का बा ? कांग्रेस से बीजेपी में आए आरपीएन सिंह से सुनिए इसका जवाब

नई दिल्ली, 25 जनवरी: बीजेपी ने पूर्वांचल में कद्दावर ओबीसी चेहरों के निकलने की भरपाई कांग्रेस से आरपीएन सिंह को लाकर करने की कोशिश की है। वर्षों तक कांग्रेस में रह चुके आरपीएन भाजपा में आते ही उसके ट्रैक पर दौड़ पड़े हैं। माना जा रहा है कि पार्टी उनके जरिए पिछड़े वोटरों के बीच अपनी स्थिति और मजबूत करना चाहती है। इस बीच उन्होंने आते ही, यूपी सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते वायरल हुए भोजपुरी गाने- 'यूपी में का बा' का अपने अंदाज में जवाब दिया है। आरपीएन सिंह कुर्मी नेता हैं और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के सबसे करीबी नेताओं में से रहे हैं।

भाजपा में आते ही उसके रंग में रंगे आरपीएन

भाजपा में आते ही उसके रंग में रंगे आरपीएन

मनमोहन सिंह सरकार में केंद्र में मंत्री रह चुके यूपी के कद्दावर ओबीसी चेहरे आरपीएन सिंह भाजपा में शामिल होते ही, उसके सियासी धुन पर थिरकने लगे हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ बनाए गए गाने 'यूपी में का बा' का अपने अंदाज में जवाब दिया है। उन्होंने गाने के बोल के अंदाज में ही जवाब दिया है कि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के निर्माण बा, गुंडागर्दी और गुंडन के समाप्ति बा। उन्होंने सीएम योगी की सराहना करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री की अगुवाई में डबल इंजन वाली प्रदेश सरकार विकास के एजेंडे पर और कार्य करेगी।

'यूपी में का बा' का दिया जवाब

'यूपी में का बा' का दिया जवाब

दरअसल, कुछ दिनों पहले ही एक भोजपुरी सिंगर नेहा सिंह राठौड़ ने अपना एक गाना, 'यूपी में का बा' रिलीज किया है। इस गाने के जरिए वह प्रदेश की बीजेपी सरकार को हर मोर्चे पर फेल बताने की कोशिश कर रही हैं। यूपी से पहले वह बिहार में भी 2020 के आखिर में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान भी इसी तर्ज पर गाना गाकर नीतीश कुमार की अगुवाई वाली एनडीए सरकार के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर चुकी हैं। नए गाने में उन्होंने यूपी की योगी सरकार को कोविड महामारी, लखीमपुर खीरी हिंसा और हाथरस बलात्कार कांड को लेकर घेरना चाहा है। लेकिन, अब आरपीएन सिंह ने भोजपुरी बोली में ही उनके सवालों का जवाब देने की कोशिश की है।

रवि किशन गा चुके हैं- 'यूपी में सब बा'

रवि किशन गा चुके हैं- 'यूपी में सब बा'

दरअसल, बीजेपी सांसद रवि किशन ने पहले पार्टी के चुनाव के लिए एक टाइटल सॉन्ग जारी किया था......'यूपी में सब बा'। इसी के कुछ ही घंटों बाद नेहा राठौड़ ने अपना गाना लॉन्च किया था, जिसे बीजेपी की विरोधी पार्टियां खूब वायरल कर रही हैं। और अब आरपीएन सिंह ने भी उसपर अपने अंदाज में जवाब देकर, विरोधियों और उनके समर्थकों पर निशाना साधने की कोशिश की है। यूपी में 10 फरवरी से शुरू हो रहे सात चरणों के मुकाबले से पहले चुनावी सरगर्मियां अब पूरी रफ्तार पकड़ चुकी हैं।

'गुंडागर्दी और गुंडन के समाप्ति बा'

आरपीएन सिंह ने 'यूपी में का बा' पर सवाल किया तो वे बोले- 'भारतीय जनता पार्टी का निर्माण बा। गुंडागर्दी और गुंडन के समाप्ति बा।' उन्होंने ही सवाल किया कि कुछ साल पहले किस कदर गुंडागर्दी और बदमाशी यूपी में होती थी, वह आज बंद हो चुकी है। उन्होंने गाने पर ही सवाल उठाते हुए कहा कि "लोग के परेशानी बा, इसीलिए का बा। लाठी बा, डंडा बा, सोझ रह....नहीं त पुलिसवा ठीक कर दी। और डबल इंजन की सरकार और योगी जी ठीक कर दीहें...कानून.....कॉन्स्टिट्यूशन.....प्रेम से रह... और विकसित कर... उत्तर प्रदेश के......."

यूपी में जारी है परसेप्शन की लड़ाई

यूपी में जारी है परसेप्शन की लड़ाई

आरपीएन सिंह सैंथवार-कुर्मी नेता हैं और माना जा रहा है कि उनको बीजेपी में लाकर पार्टी ने समाजवादी पार्टी के साथ चल रही परसेप्शन की लड़ाई में बढ़त हासिल करने की कोशिश की है। दरअसल, योगी कैबिनेट के कद्दावर ओबीसी चेहरे स्वामी प्रसाद मौर्य और कुछ और पिछड़े नेताओं के ऐन चुनाव से पहले मंत्री पद छोड़कर सपा में जाने के बाद बड़े कुर्मी नेता का भाजपा में आना पार्टी के लिए एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। यह भी चर्चा है कि मौर्य की वजह से ही आरपीएन की एंट्री रुकी हुई थी, जो 2009 के लोकसभा चुनाव में स्वामी प्रसाद को पटखनी भी दे चुके हैं। यह भी चर्चा है कि आरपीएन ही उन्हें पडरौना विधानसभा सीट पर बीजेपी के टिकट पर चुनौती देंगे।

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