UP Government: यूपी सरकार ने अफसरों की कार्यशैली पर नई ग्रेडिंग प्रणाली की लागू, पारदर्शिता में बढ़ेगा सुधार
UP Government News: उत्तर प्रदेश सरकार ने अफसरों के कामकाज का मूल्यांकन करने के लिए एक नया कदम उठाया है। अब अफसरों की कार्यकुशलता के आधार पर उनकी ग्रेडिंग की जाएगी। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड के जरिए यह व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे अधिकारी की कार्यशैली का मूल्यांकन किया जाएगा। यह कदम प्रशासन में पारदर्शिता और जिम्मेदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़ी अपर मुख्य सचिव ने इस संबंध में एक आदेश जारी किया है। इसके तहत प्रदेश के सभी अफसरों को उनके कार्य प्रदर्शन के आधार पर चार श्रेणियों में बांटा जाएगा। इस नए आदेश में जिलाधिकारियों, पुलिस कप्तानों, मंडलायुक्तों और अन्य विभागीय प्रमुखों के कार्यों का मूल्यांकन किया जाएगा।

यह ग्रेडिंग प्रणाली अधिकारियों की जिम्मेदारी, कार्य की गुणवत्ता और शासन के नीतियों के क्रियान्वयन पर आधारित होगी। शासन ने इस प्रणाली के माध्यम से अधिकारियों की नकारात्मक या सकारात्मक कार्यशैली की पहचान करने की योजना बनाई है, ताकि अच्छे कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहन और लापरवाही बरतने वालों को दंडित किया जा सके।
नई ग्रेडिंग प्रणाली के तहत अधिकारियों का मूल्यांकन
यूपी सरकार ने अधिकारियों के मूल्यांकन के लिए एक सख्त स्कोरिंग सिस्टम लागू किया है, जो उनकी कार्यशैली का सही आकलन करेगा। इस प्रणाली के तहत अधिकारियों को चार श्रेणियों में बांटा जाएगा:
- A श्रेणी: जिनके अंक 9 से अधिक होंगे, उन्हें सर्वोत्तम श्रेणी में रखा जाएगा।
- B श्रेणी: जिनके अंक 6 से 8 के बीच होंगे, उन्हें इस श्रेणी में रखा जाएगा।
- C श्रेणी: जिनके अंक 3 से 6 के बीच होंगे, उन्हें मध्य श्रेणी में रखा जाएगा।
- D श्रेणी: जिनके अंक 3 से कम होंगे, वे इस श्रेणी में आते हैं।
यह ग्रेडिंग सिस्टम अधिकारियों के कामकाजी प्रदर्शन, योजनाओं के क्रियान्वयन, जन शिकायतों के समाधान, वित्तीय कार्यों की पारदर्शिता और जनता से संवाद के आधार पर तैयार किया गया है।
इस नई प्रणाली में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड का अहम भूमिका होगी। पहले से ही इस डैशबोर्ड के जरिए प्रदेश के जिलों और विभागों की निगरानी की जा रही है। अब इसी प्रणाली से व्यक्तिगत तौर पर अधिकारियों की कार्यशैली की समीक्षा की जाएगी। इससे सरकार को यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि प्रशासन के सभी स्तरों पर कार्य दक्षता और जवाबदेही बनी रहे।
इस प्रणाली से अधिकारियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट भी नियमित रूप से अपडेट की जाएगी। यह रिपोर्ट हर माह या तिमाही आधार पर तैयार होगी, ताकि अधिकारियों के कार्य में निरंतर सुधार हो सके।
पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा
यह कदम प्रशासनिक प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है। सरकार का मानना है कि इस कदम से प्रशासन में सुधार होगा और जनता के बीच विश्वास बढ़ेगा। इसके माध्यम से सरकार उन अधिकारियों को पहचान सकेगी जो अपनी जिम्मेदारियों को सही तरीके से निभा रहे हैं, जबकि लापरवाह अफसरों को चिन्हित किया जा सकेगा। इस प्रणाली से अफसरों के तबादले, पदोन्नति और दंडात्मक कार्रवाइयों में भी बदलाव हो सकता है।












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