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UP Crime News: IAS बनने का ख्वाब, बन गया खतरनाक डॉन, PAK में धमाका, दाऊद से जुड़ा बबलू श्रीवास्तव का खाका

UP Crime News Babalu Srivastava: कभी सेना की वर्दी पहनने का सपना देखने वाला लड़का आज माफिया डॉन के नाम से जाना जाता है। हम बात कर रहे हैं ओम प्रकाश श्रीवास्तव उर्फ बबलू श्रीवास्तव (Om Prakash Srivastava alias Bablu Srivastava) की, जो उत्तर प्रदेश का कुख्यात अपराधी बन गया। एक समय था, जब यूपी-बिहार से लेकर मुंबई तक उसका खौफ था।

किडनैपिंग से लेकर अंडरवर्ल्ड (Underworld) तक उसने अपना सिक्का जमाया, लेकिन आज वह 28 सालों से बरेली जेल में कैद है और समय से पहले रिहाई की मांग कर रहा है। Oneindia Hindi अपनी Crime Series के जरिए आपको बता रहा है, कैसे एक प्रिंसिपल का बेटा बबलू श्रीवास्तव प्रदेश के साथ-साथ इंटरनेशनल माफिया डॉन बन गया...

UP Crime News Babalu Srivastava

कैसे बना एक होनहार छात्र अपराधी?

बबलू श्रीवास्तव का जन्म उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)के गाजीपुर जिले के एक पढ़े-लिखे परिवार में हुआ था। उसके पिता विश्वनाथ प्रताप श्रीवास्तव जीटीआई कॉलेज में प्रिंसिपल थे और बड़े भाई विकास श्रीवास्तव भारतीय सेना में कर्नल थे। बबलू भी पढ़ाई में तेज था और IAS या सेना में अफसर (IAS Officer) बनने का सपना देखता था।

उसके परिवार ने उसे लखनऊ यूनिवर्सिटी (Lucknow Univercity) में लॉ की पढ़ाई के लिए भेजा। वहीं, 1982 में छात्रसंघ चुनाव के दौरान एक घटना ने उसकी जिंदगी की दिशा बदल दी।

छात्रसंघ चुनाव से अपराध की दुनिया तक

बबलू का दोस्त नीरज जैन लखनऊ यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ चुनाव में महामंत्री पद के लिए खड़ा हुआ था। बबलू उसके प्रचार में लगा था। चुनावी रंजिश के चलते एक छात्र पर चाकू से हमला हुआ, जो उस समय के बड़े माफिया अरुण शंकर शुक्ला उर्फ अन्ना का करीबी था।

अन्ना ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर बबलू को झूठे केस में फंसा दिया और जेल भिजवा दिया। जब बबलू जमानत पर बाहर आया तो फिर एक फर्जी चोरी के केस में उसे जेल भेज दिया गया। यहीं से बबलू के दिल में बदले की आग जल उठी। जेल से छूटते ही उसने अन्ना के विरोधी गैंग 'राम गोपाल मिश्रा' से हाथ मिला लिया और अपराध की दुनिया में उतर गया।

Kidnapping King Bablu: किडनैपिंग किंग कैसे बना बबलू?

बबलू ने पहले राम गोपाल मिश्रा के गैंग के साथ काम किया, लेकिन जब मिश्रा और अन्ना के बीच सुलह हो गई, तो बबलू ने अपना खुद का गैंग बना लिया।

उसने यूपी, बिहार और महाराष्ट्र में अपहरण (UP, Bihar, Maharashtra Kidnapping) का काला धंधा शुरू किया। वह नेताओं, व्यापारियों और बड़े अफसरों को किडनैप कर फिरौती वसूलने लगा। जल्द ही वह 'किडनैपिंग किंग' के नाम से कुख्यात हो गया।

नेपाल से दाऊद तक - अंडरवर्ल्ड कनेक्शन

पुलिस से बचने के लिए बबलू नेपाल भाग गया, जहां उसकी मुलाकात डॉन मिर्जा दिलशाद बेग से हुई। मिर्जा ने बबलू को दुबई भागने में मदद की, जहां उसकी मुलाकात अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से हुई।

बबलू ने किडनैपिंग छोड़ स्मगलिंग का धंधा शुरू कर दिया। वह विदेशों से अवैध हथियार लाने-लेजाने का काम करने लगा। लेकिन, 1993 मुंबई धमाकों के बाद बबलू और दाऊद के रिश्तों में दरार आ गई। बबलू ने दाऊद (Dawood Ibrahim) का साथ छोड़ दिया, जिससे उनकी दुश्मनी शुरू हो गई।

कैसे हुआ बबलू श्रीवास्तव का पतन?

1995 में बबलू को सिंगापुर में गिरफ्तार कर भारत लाया गया। पुणे में एडिशनल पुलिस कमिश्नर आईडी अरोड़ा की हत्या के मामले में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई। उसके खिलाफ किडनैपिंग, हत्या और फिरौती समेत 42 मामले दर्ज हुए। उसे पहले नैनी जेल में रखा गया, फिर सुरक्षा कारणों से बरेली जेल शिफ्ट कर दिया गया।

जेल में भी गैंगवार और साजिशें

बबलू श्रीवास्तव ने जेल में रहते हुए 'अधूरा ख्वाब' (Babloo Shrivastav ka Adhoora Khwaab) नाम की किताब लिखी, जिसमें उसने अपनी जिंदगी और अपराध की दुनिया के राज खोले। दाऊद गैंग ने उसकी हत्या की साजिश भी रची थी, लेकिन वह बच गया।

पाकिस्तान क्यों कह रहा है बबलू 'RAW एजेंट'?

2021 में पाकिस्तान (Pakistan) में हाफिज सईद के घर के बाहर बम धमाका हुआ, जिसमें बबलू का नाम सामने आया। पाकिस्तान का दावा है कि बबलू श्रीवास्तव भारतीय खुफिया एजेंसी 'RAW' का एजेंट है और उसने यह हमला करवाया। हालांकि, भारतीय एजेंसियों ने इस दावे को खारिज किया और इसे पाकिस्तान की प्रोपेगेंडा राजनीति बताया।

अब जेल से रिहाई चाहता है बबलू!

बबलू, 1993 में एक हत्या के मामले में 28 साल से उम्रकैद की सजा काट रहा है, लेकिन अब समय से पहले रिहाई की मांग कर रहा है। जनवरी 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को आदेश दिया है कि दो महीने के भीतर उसकी रिहाई पर विचार किया जाए।

क्या फिर लौटेगा अपराध की दुनिया में बबलू?

बबलू श्रीवास्तव की कहानी एक प्रतिभाशाली छात्र से लेकर खतरनाक डॉन बनने की कहानी है। वह IAS अफसर बनना चाहता था, लेकिन हालात ने उसे अपराध की दुनिया में धकेल दिया। किडनैपिंग से लेकर अंडरवर्ल्ड और दाऊद तक उसका नाम जुड़ा रहा। अब वह 28 साल से जेल में बंद है, लेकिन सवाल यह है कि अगर वह बाहर आया तो क्या दोबारा अपराध की दुनिया में लौटेगा? क्या बबलू को समय से पहले रिहाई मिलनी चाहिए? या उसे अपनी सजा पूरी करनी चाहिए?

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