UP News: योगी सरकार ने ऐसे निखारी 1.42 करोड़ बच्चों की गुणवत्ता, ऐसे बनाई रणनीति
CM Yogi News Uttar Pradesh: योगी सरकार के नेतृत्व में 2024 में उत्तर प्रदेश ने शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन देखा। इस वर्ष के दौरान, राज्य सरकार ने बच्चों और शिक्षकों के लिए कई प्रभावशाली योजनाएं और अभियान शुरू किए, जिन्होंने शिक्षा को न केवल समावेशी, बल्कि आधुनिक और सशक्त भी बनाया। इन प्रयासों ने राज्य में शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और समाज में जागरूकता और सहभागिता की भावना को प्रोत्साहित किया।
*निपुण मिशन और स्कूल चलो अभियान से मजबूत की शिक्षा की गुणवत्ता*
निपुण मिशन के तहत बच्चों में बुनियादी साक्षरता और गणितीय ज्ञान को मजबूत करने के लिए व्यापक कदम उठाए गए। राज्यभर में लाखों बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के उद्देश्य से इस मिशन ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। साथ ही, स्कूल चलो अभियान ने शिक्षा से वंचित बच्चों को विद्यालयों से जोड़ा, जिससे लाखों बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में लाया गया और उनकी जीवन संवारने की दिशा तय हुई।

*बालिका सशक्तिकरण अभियान से संवारा भविष्य*
परिषदीय विद्यालयों में सुधार के लिए बालिका सशक्तिकरण अभियान की शुरुआत की गई, जिसके अंतर्गत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को शिक्षा, खेल और कौशल विकास के माध्यम से उन्नत किया गया। इस अभियान के तहत 800,000 बालिकाओं को रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्रदान किया गया और 125,000 बालिकाओं को पावर एंजेल के रूप में प्रशिक्षित कर सशक्त बनाया गया। साथ ही, 10 लाख बालिकाएं मीना मंचों का नेतृत्व कर रही हैं, जो समाज में उनकी सक्रिय भागीदारी को प्रदर्शित करता है। इसके अतिरिक्त, पीएम श्री विद्यालयों में बालिकाओं के सशक्तिकरण हेतु विशेष अभियान भी संचालित किया गया। रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण और मिशन शक्ति जैसे कार्यक्रमों ने बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उनके सुरक्षा के अधिकारों को भी सशक्त किया। विशेष क्षेत्र में महारत हासिल करने वाली बालिकाओं को 'शाइनिंग स्टार' के रूप में प्रदर्शित कर उनकी पहचान को एक नई दिशा दी गई और समाज में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर किया गया।
*बच्चों में रोपित हुए पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक कर्तव्य का भाव*
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए गए प्रयासों ने बच्चों को प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जागरूक किया। वृक्षारोपण जन अभियान और 'एक पेड़ मां के नाम' जैसे कार्यक्रमों ने न केवल बच्चों को पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी सिखाई, बल्कि समाज में भी पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार को बढ़ावा दिया। इस अभियान को प्रदेश के लगभग 1.33 लाख परिषदीय विद्यालयों में चलाकर लगभग 1.42 करोड़ बच्चों को जोड़ा गया। इसके अलावा, बच्चों के अभिभावकों, गणमान्य व्यक्तियों और जनप्रतिनिधियों को शामिल करते हुए इसे मुकाम तक पहुँचाने का उत्कृष्ट प्रयास हुआ।
*स्वच्छता पखवाड़ा ने बच्चों में भरा सामाजिक जिम्मेदारी का भाव*
स्वच्छता पखवाड़ा के तहत बच्चों ने स्वच्छता के महत्व को समझा और अपने आसपास के पर्यावरण को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी को आत्मसात किया। इसके अलावा, राष्ट्रीय आविष्कार अभियान और अंतरिक्ष विज्ञान कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को विज्ञान और तकनीकी के प्रति जागरूक किया गया, जिससे उनका ज्ञानवर्धन हुआ और उन्हें तकनीकी दुनिया के प्रति रुचि जागी।
*प्रौद्योगिकी और स्मार्ट क्लासेस का हुआ समावेश*
उत्तर प्रदेश सरकार ने 1056 करोड़ रुपये की योजनाओं के तहत परिषदीय विद्यालयों को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए। स्मार्ट क्लासेस और तकनीकी उपकरण के माध्यम से बच्चों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा दी गई। इसके साथ ही, शिक्षण सामग्री के विकास और विद्यालयों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के प्रयास किए गए, ताकि बच्चे आधुनिक शिक्षा पद्धतियों से रूबरू हो सकें।
*राज्य व राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित हुए शिक्षक*
योगी सरकार ने 2024 में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए राज्य अध्यापक पुरस्कार और राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार की व्यवस्था की। 41 शिक्षकों को राज्य अध्यापक पुरस्कार से नवाजा गया और दो शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त हुआ, जिससे उनके समर्पण और कड़ी मेहनत की सराहना की गई।












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