UP Budget 2023: धार्मिक एजेंडे पर भी योगी सरकार का फोकस, जानिए बजट में क्या मिला
वित्त मंत्री ने सदन में कहा कि प्रदेश में एक ऐसा माहौल बना दिया गया था कि अपनी प्राचीन धार्मिक आस्था को प्रकट करना अपराध की श्रेणी में आ गया था। अब सरकार इसको खत्म करने का प्रयास कर रही है।

UP Annual Budget for 2023: उत्तर प्रदेश में बुधवार को योगी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल का दूसरा बजट पेश किया। बजट में सरकार ने अपने उस एजेंडे पर फोकस किया है जिसको लेकर वह हमेशा ही चुनावी समर में उतरती रही है। काशी, मथुरा और अयोध्या समेत तमाम धार्मिक शहरों में बनी बिरासतों को सहेजने की कोशिश में सरकार जुटी है। सदन में बजट पेश करते समय वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि हमारी सरकार के पहले की सरकारों का रवैया प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के प्रति घोर उपेक्षा का रहा।
योगी सरकार में हो रहा धार्मिक शहरों का पुनरूत्थान
वित्त मंत्री ने कहा कि, प्रदेश में एक ऐसा माहौल बना दिया गया था कि अपनी प्राचीन धार्मिक आस्था को प्रकट करना अपराध की श्रेणी में आ गया था। जब मुख्यमंत्री ने प्राचीन धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के पुनरूत्थान का अभियान प्रारम्भ किया तो उनका विरोध भी किया गया। कर्मयोगी और पराक्रमी पुरुष विरोध और अवरोध को पराभूत कर अपना मार्ग बनाना जानते हैं।
धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार की कोशिश
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वित्त मंत्री ने कहा कि मीरजापुर में प्रसिद्ध मां विन्ध्यवासिनी देवी मन्दिर, मां अष्टभुजी देवी मन्दिर एवं काली खोह मन्दिर का जीर्णोद्धार एवं सौन्दर्यीकरण कराये जाने तथा त्रिकोणीय परिक्रमा पथ को विकसित किये जाने का काम जारी है। अयोध्या एवं चित्रकूट की भाँति जनपद प्रयागराज में भजन सध्या स्थल की स्थापना का प्रस्ताव है। भजन संध्या स्थल की स्थापना हो जाने से तीर्थ क्षेत्र प्रयागराज में श्रद्धालुओं की सुविधा प्राप्त होगी। इसके साथ सांस्कृतिक विकास का कार्य भी किया जा सकेगा।
नैमिषारण्य धाम पर बनेगा तपस्थल अध्ययन केंद्र
सुरेश खन्ना ने कहा कि नैमिषारण्य में वैदिक विज्ञान, सीतापुर जिले का एक प्रसिद्ध तप स्थल अध्ययन केन्द्र की स्थापना किये जाने का प्रस्ताव है। वेद विज्ञान अध्ययन केन्द्र की स्थापना से वेदों एवं पुराणों में संरक्षित ज्ञान को आम जन के बीच ले जाने हेतु अध्ययन कार्य किया जायेगा। प्रदेश सरकार द्वारा पर्यटन विकास के लिये आधारभूत संरचाओं में वृद्धि की गयी है। इससे पर्यटन वृद्धि के राजस्व में वृद्धि होने के साथ-साथ अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन भी हो रहा है।
पिछले साल यूपी में आए 24 करोड़ पर्यटक
सरकार ने सदन में बजट के माध्यम से बताया कि उत्तर प्रदेश में वर्ष 2022 में 24 करोड़ 87 लाख से अधिक पर्यटक आए, जिनमें भारतीय पर्यटकों की संख्या 24 करोड़ 83 लाख एवं विदेशी पर्यटकों की संख्या 4 लाख 10 हजार से अधिक रही है। स्पिरिचुअल सर्किट योजना के तहत गोरखपुर- देवीपाटन डुमरियागंज का पर्यटन विकास, स्पिरिचुअल सर्किट योजना के अन्तर्गत जेवर दादरी सिकन्दराबाद नोएडा खुर्जा बांदा का समेकित पर्यटन विकास, जनपद मथुरा स्थित गोवर्धन के पर्यटन विकास हेतु स्वीकृत योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
पर्यटन स्थलों के विकास पर 300 करोड़ रुपये खर्च करेगी सरकार
इसके अलावा अयोध्या, वाराणसी, चित्रकूट, विन्ध्याचल, प्रयागराज, नैमिषारण्य, गोरखपुर, मथुरा, बटेश्वर धाम एवं अन्य महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों का पर्यटन विकास एवं सौन्दर्यीकरण के कार्य कराये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री पर्यटन संवर्धन योजना के तहत प्रदेश में स्थित पर्यटन स्थलों का विकास 300 करोड़ रूपये की धनराशि से कराया जा रहा है। शक्ति पीठ मां शाकुम्भरी देवी मन्दिर के समेकित पर्यटन विकास वर्तमान वित्तीय वर्ष में 50 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
प्रयागराज में विकास के लिए मिले 40 करोड़ रुपये
कहा कि प्रयागराज के विकास के लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष में 40 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। पर्यटन नीति 2018 के अर्न्तर्गत पर्यटन इकाईयों को प्रोत्साहन के लिए 45 करोड़ रूपये की व्यवस्था की गई है। बौद्ध परिपथ के समेकित पर्यटन विकास के लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष में 40 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है जबकि बुन्देलखण्ड का समेकित पर्यटन विकास के लिए 40 करोड़ रूपये की व्यवस्था की गई है।












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