Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

UP Budget 2023: CAG की रिपोर्ट ने उच्च शिक्षा में कमियों पर उठाए कई सवाल, आप भी जानिए

कैग की रिपोर्ट में यूपी में उच्च शिक्षा में कमियों की ओर इंगित किया गया है। इसको लेकर रिपोर्ट में कई सवाल खड़े गए हैं। इस रिपोर्ट को लेकर प्रधान महालेखाकार बीके मोहंती ने इस रिपोर्ट की मुख्य बातें साझा की।

योगी आदित्यनाथ

CAG report submitted in UP assembly: उत्तर प्रदेश में विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है। यूपी सरकार ने इस बार लगभग सात लाख करोड़ रुपये का बजट सदन में पेश किया है। इस बजट के बाद सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा चल रही है। इस बीच शुक्रवार को सदन में भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट सदन में पेश की गई। कैग की रिपोर्ट में यूपी में उच्च शिक्षा में कमियों की ओर इंगित किया गया है। इसको लेकर रिपोर्ट में कई सवाल खड़े गए हैं।

विश्वविद्यालय या कॉलेज खोलने के लिए सरकार के पास ठोस नीति नहीं

प्रधान महालेखाकार बीके मोहंती ने शुक्रवार को यहां मीडिया के साथ व्यापक रिपोर्ट की मुख्य बातें साझा कीं। रिपोर्ट में कहा गया है कि विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों को खोलने के लिए राज्य के पास कोई विशिष्ट नीति नहीं है। उच्च शिक्षा विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत सार्वजनिक और निजी विश्वविद्यालयों और सरकारी और गैर-सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों की संख्या 2016-17 से स्थिर रही है। हालांकि, स्व-वित्तपोषित कॉलेजों की संख्या 2016-17 में 5,377 से बढ़कर 2019-20 में 6,682 हो गई।

यूपी के 20 जिलों में कन्या महाविद्यालयों का आभाव

Recommended Video

    UP Budget Session: CM Yogi के सामने Suresh Khanna और Akhilesh Yadav के बीच बहसबाजी | वनइंडिया हिंदी

    रिपोर्ट के अनुसार, सबसे अधिक चिंताजनक तथ्य यह है कि यूपी के पांच जिलों में कोई भी सरकारी डिग्री कॉलेज नहीं था, जबकि पांच अन्य में पुरुष या सह-एड सरकारी डिग्री कॉलेज नहीं था। इसके अलावा, 20 जिलों में सरकारी या गैर-सरकारी सहायता प्राप्त कन्या महाविद्यालय नहीं हैं। इसके अलावा रिपोर्ट के मुताबिक, नामांकन स्तर में भी नियमित गिरावट देखी गई। 2015-16 में 94.88 लाख छात्रों ने नामांकन लिया था लेकिन 2019-20 में यह आंकड़ा गिरकर 90.61 लाख तक पहुंच गया।

    कई विश्वविद्यालयों में नहीं हो रहा यूजीसी के नियमों का अनुपालन

    ऑडिट रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की ओर से निर्धारित एक विशिष्ट प्रावधान के बावजूद MGKV और LU ने अपने संबद्ध निजी कॉलेजों की फीस संरचना को मंजूरी नहीं दी। ऑडिट में यह भी पाया गया कि राज्य सरकार द्वारा एक कार्यकारी आदेश के माध्यम से निर्धारित शिक्षण शुल्क का कई उच्च शिक्षा संस्थानों द्वारा अनुपालन नहीं किया गया था।

    विश्वविद्यालयों में परीक्षा परिणामों के प्रकाशन में हो रही देरी

    2017-20 के दौरान समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रदान की गई पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति से MGKV के लगभग 73% से 80% और LU के 56% से 67% छात्र लाभान्वित हुए। 2019-20 के दौरान, MGKV और LU में क्रमशः केवल 29% और 17% कक्षाएँ ही ICT सक्षम थीं। विभिन्न पाठ्यक्रमों के परीक्षा परिणामों के प्रकाशन में MGKV में 273 दिनों तक की देरी हुई। 2017-20 की अवधि के दौरान एलयू के विश्लेषण से पता चला कि देरी 175 दिनों तक थी। इसके अलावा, एक ही विश्वविद्यालय में आगे की शिक्षा प्राप्त करने वाले या किसी अन्य विश्वविद्यालय में जाने वाले छात्रों का डेटा नहीं रखा गया था।

    सरकार ने उच्च शिक्षा क्षेत्र को दिया भारी भरकम बजट

    दरअसल, ऐसे समय में जब उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने नवीनतम वार्षिक बजट में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने में गहरी दिलचस्पी दिखाई है इसी बीच भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (सीएजी) की तरफ से तैयार की गई कैग की रिपोर्ट ने सरकार को असहज करने का काम किया है। इस रिपोर्ट में यूपी में शिक्षा की स्थिति को लेकर उच्च शिक्षा संस्थानों में कमियों को लेकर गंभीर बातें उठाई गई हैं।

    More From
    Prev
    Next
    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+