UP Board Exam 2026 में नकल माफियाओं की उलटी गिनती शुरू, अब QRT से होगी ताबड़तोड़ कार्रवाई
UP Board Exam 2026: यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में पर्चा लीक कराने और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी कर ली गई है। राज्य और जिला स्तर पर क्विक रिस्पांस टीमें (QRT) गठित की गई हैं, जो किसी भी अफवाह या पर्चा लीक की सूचना पर तुरंत एक्शन लेंगी।
पर्चों और उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा के लिए स्ट्रांग रूम का रात में भी औचक निरीक्षण किया जाएगा। वहीं, परीक्षा केंद्रों पर एसटीएफ भी कड़ी निगरानी रखेगी।

18 फरवरी से शुरू हो रही यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा प्रदेश भर के 8033 केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में करीब 52.30 लाख परीक्षार्थी शामिल होंगे। बोर्ड ने नकल माफिया और पर्चा लीक से जुड़े किसी भी नेटवर्क को चिन्हित कर ध्वस्त करने के निर्देश दिए हैं।
सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं फैलाने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी तरह की अफवाह या पर्चा लीक की खबर सामने आने पर क्यूआरटी तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करेगी।
नकल पर लगाम लगाने के लिए मंडल और जिला स्तर पर एक-एक पर्यवेक्षक की तैनाती की गई है। अयोध्या में निदेशक साक्षरता अनिल भूषण चतुर्वेदी, लखनऊ में संयुक्त शिक्षा निदेशक विवेक नौटियाल और देवीपाटन मंडल में सीटीई प्राचार्य अजय कुमार सिंह को पर्यवेक्षक बनाया गया है।
स्कूल भौगोलिक आधार पर चुनेंगे विषय
नई शिक्षा नीति के तहत प्रत्येक स्कूल को अपनी भौगोलिक स्थिति के अनुसार कम से कम दो विषयों का चयन करना होगा। बोर्ड का उद्देश्य छात्रों को स्थानीय उद्योगों से जोड़ना है। उदाहरण के तौर पर भदोही में कालीन उद्योग से जुड़े विषयों का चयन किया जाएगा। इसके साथ ही संबंधित औद्योगिक प्रतिष्ठानों में 10 दिनों की अनिवार्य इंटर्नशिप का भी प्रावधान रखा गया है।
108 नए व्यावसायिक पाठ्यक्रम होंगे शुरू
व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कक्षा 9 और 11 के छात्रों के लिए एक साथ 108 नए व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इन कोर्सेज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एयरोस्पेस, मीडिया और ऑटो सर्विस टेक्निशियन जैसे आधुनिक और रोजगारपरक विषय शामिल होंगे।












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