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यूपी में ब्लॉक प्रमुख की कितनी होती है सैलेरी? जानें सब कुछ

लखनऊ, जुलाई 10: उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बीच में लगातार चुनावी माहौल बना हुआ है। पहले जहां ग्राम पंचायत का चुनाव हुआ। फिर उसके बाद जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए इलेक्शन करवाया गया और अब ब्लॉक प्रमुख के लिए बीजेपी- सपा दोनों ही पार्टी अपना पूरा दमखम लगा रही हैं। इन सब के बीच यूपी से कई ऐसी खबरें सामने आई हैं, जो नेशनल न्यूज बनी हुई हैं। ब्लॉक प्रमुख के चुनावों में फायरिंग, वोटर को धमकाने जैसी खबरों सहित पुलिस पर पथराव की खबरें आम हो चुकी है। ऐसे में आप भी सोचने पर मजबूर हो गए होंगे कि आखिर यह चुनाव ऐसा कैसा है कि इस मैदान पर जीत हासिल करने के लिए यूपी में जबरदस्त बवाल मचा हुआ है।

क्या होता है ब्लॉक प्रमुख और कौन लड़ता है चुनाव ?

क्या होता है ब्लॉक प्रमुख और कौन लड़ता है चुनाव ?

दरअसल, देश को कई भागों में बांटा गया है, जिसमें सबसे पहले आता है प्रदेश। फिर उसके अंदर जिला आता है। जिले में ब्लॉक होता है और ब्लॉक के अंदर ग्राम पंचायत और ग्राम पंचायत में आता है गांव या ग्राम सभा। ऐसे में ब्लॉक लेवल पर चुने गए जन प्रतिनिधि के तौर पर सबसे बड़ा ब्लॉक प्रमुख का पद होता है। ब्लॉक प्रमुख का चुनाव आम जनता नहीं करती, बल्कि उसे जीते हुए जनप्रतिनिधि चुनते हैं और वो लोग होते हैं पंचायत सदस्य, जिनका हाल ही में पंचायती चुनाव प्रक्रिया के दौरान चुनाव हुआ है।

कैसे होता है ब्लॉक प्रमुख का चुनाव?

कैसे होता है ब्लॉक प्रमुख का चुनाव?

मतलब साफ है कि जैसे आम लोगों ने ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव किया। ऐसे में यही जीते हुए पंचायत सदस्य प्रतिनिधी अपने ब्लॉक के लिए ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़ सकते हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष की तरह इस चुनाव में वोटिंग सिर्फ बीडीसी ही करते हैं। बता दें कि वोट देने के लिए बैलेट पैपर या वोटिंग मशीन का उपयोग नहीं होता है, बल्कि प्रत्याशी के सामने मतदाता को नंबर अंकित करना होता है, जिस प्रत्याशी के सामने नंबर लिखा जाता है, वोट उसी का दिया हुआ माना जाता है।

क्या होती है ब्लॉक प्रमुख की जिम्मेदारी?

क्या होती है ब्लॉक प्रमुख की जिम्मेदारी?

अब बात ब्लॉक प्रमुख की जिम्मेदारी की करें तो ब्लॉक प्रमुख का मुख्य कार्य पंचायत समिति की मीटिंग को आयोजित करना, बैठक की अध्यक्षता और उसका संचालन करना होता है। वहीं केंद्र और राज्य की सरकार की ओर से पंचायती राज्य व्यवस्था के बजट के फंड को विकास का कामों में लगाना होता है। मीडिया रिपोर्टस की मानें तो ब्लॉक प्रमुख और पंचायत मिलकर हर साल 5 करोड़ रुपये के फंड को बजट के तौर पर खर्च कर सकते हैं। वहीं अगर खर्च के तरीके की बात करें तो ब्लॉक प्रमुख, पंचायत सदस्य और ग्राम प्रधान मिलकर इस खर्चे की रूपरेखा तैयार करते हैं। यानी की सड़क, पानी की समस्या का लेकर मसौदा तैयार कर बीडीओ के सामने रखते हैं।

कितनी होती है ब्लॉक प्रमुख की सैलरी?

कितनी होती है ब्लॉक प्रमुख की सैलरी?

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अगर ब्लॉक प्रमुख की सैलरी की बात करें तो ब्लॉक प्रमुख को किसी तरह की तनख्वा नहीं मिलती है, हां लेकिन सरकार की ओर से मानदेय फिक्स किया हुआ है। जो हर महीने करीब 7 हजार रुपये मिलता है। इसके अलावा कुछ भत्ते भी मिलते हैं। वहीं ब्लॉक प्रमुख के कार्यकाल की बात करें तो 5 साल का होता है, लेकिन कार्यकाल के आधा वक्त बीतने के बाद अगर 50 प्रतिशत वोट से ज्यादा वोटों के जरिए अविश्वास प्रस्ताव लाकर उसे पद से हटाया जा सकता है।

सुर्खियों में यूपी का ब्लॉक प्रमुख चुनाव

सुर्खियों में यूपी का ब्लॉक प्रमुख चुनाव

बता दें कि उत्तर प्रदेश में कुल 75,255 बीडीसी हैं और 826 ब्लॉक प्रमुख के पद हैं। ऐसे में 826 ब्लॉक प्रमुख चुनाव जीतने के लिए सत्तारूढ़ बीजेपी और प्रमुख विपक्षी पार्टी किसी भी तरह से कोई भी कसर नहीं छोड़ाना चाहती है। ऐसे में यूपी के कई जगहों से हिंसा और अभ्रदता की खबरें लगातार सामने आ चुकी है। जहां लखीमपुर खीरी जिले के पसगवां विकास खंड में सपा महिला उम्मीदवार के साथ अभद्रता देखने को मिली थी। वहीं कई जगह से प्रत्याशियों के साथ पुलिस के सामने मारपरीट की घटना हुई है। यहां तक की कई जगह तो हथियार के बल पर अपहरण करने की कोशिश का मामला सामने आ चुका हैं।

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