UP Assembly News: विधानसभा सत्र के अंतिम दिन उठे अहम मुद्दे, कई बार सदन में असहज हुई सरकार
उत्तर प्रदेश में विधानसभा का मानसून सत्र शुक्रवार को समाप्त हो गया। सत्र के अंतिम दिन डग्गामार बसों एवं रोजगार का मुद्दा उठाया गया।
UP Vidhansabha Stra: उत्तर प्रदेश में विधानसभा का सत्र शुक्रवार को अनिश्चितकाल के लिए समाप्त हो गया। सत्र के दौरान कई ऐसे मुद्दे भी उठे जिनकों लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर तीखी नोंक झोंक हुई। सदन में शुक्रवार को यूपी में परिवहन विभाग में खराब बसों की हालत का मुद्दा भी उठा जिसपर सरकार को जवाब देने में पसीने छूट रहे थे।

यूपी में डग्गामार बसों को लेकर हंगामा
दरअसल विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान समाजवादी पार्टी के सदस्य ने सरकार से जानना चाहा कि क्या यूपी में डग्गामार बसें चल रही हैं या नहीं। इस सवाल के जवाब में परिवहन मंत्री ने कहा कि यूपी में एक भी डग्गामार बसें नहीं चल रही हैं। इसपर विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया।
सपा ने की समिति बनाने की मांग
सपा की तरफ से मनोज पांडे ने कहा कि यदि परिवहन मंत्री का दावा सच है तो एक समिति का गठन कर दिया जाए जो इसकी जांच कर अपनी रिपोर्ट दे देगी। सबकुछ साफ हो जाएगा। इसपर परिवहन मंत्री अपनी बात दोहराते रहे कि यूपी में एक भी डग्गामार बसें नहीं चल रही हैं। सभी बसों को टेस्ट करके ही सड़कों पर उतारा जाता है।
परिवहन मंत्री नहीं दे पाए जवाब, सुरेश खन्ना ने संभाला मामला
सपा के सदस्य परिवहन मंत्री के बयान से संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। मामले को बिगड़ता देख सदन में मौजूद संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने मोर्चा संभाला। उन्होंने विपक्षी सदस्यों को समझाते हुए कहा कि परिवहन मंत्री का कहने का मतलब ये था कि बसें सुचारू रूप से चलायी जा रही हैं। आप लोगों को उनकी भावनाओं और सही मंशा को समझने की कोशिश करनी चाहिए।
आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को राज्य कर्मचारी का दर्जा नहीं देगी सरकार
समाजवादी पार्टी के संग्राम यादव ने सरकार से जानना चाहा कि यूपी में कितने लोगों को नौकरी मिली है और क्या सरकार आउटसोर्सिंग के तहत काम करने वाले कर्मचारियों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देगी। सपा ने आरोप लगाया कि बीजेपी की सरकार पिछड़े और दलितों के साथ अन्याय कर रह है।
श्रम मंत्री अनिल राजभर ने सपा पर साधा निशाना
उनके प्रश्न का जवाब देते हुए मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि, समाजवादी पार्टी हमेशा पिछड़ों की बात करती है लेकिन इसके दावे खोखले हैं। आउट सोर्सिंग में यूपी के एक रोल माडल है। बेरोज़गारी की बड़ी समस्या को दूर करने का काम किया है। सपा चार बार सरकार में रही है लेकिन सबसे बड़ा डाका तो मोस्ट बैकवर्ड को ठगने का काम किया है। आज इनको पिछड़ों की चिंता हो रही है। मंत्री ने आंकड़ों के माध्यम से सदस्यों को चुप करने का प्रयास किया।
विधायक पल्लवी पटेल ने सरकार को घेरा
इस बीच सपा की सहयोगी दल की नेता डॉ पल्लवी पटेल ने रोजगार का मुद्दा उठाते हुए कहा कि क्या सरकार यूपी में निवेश करने वाली कम्पनियों में रोजगार को लेकर यह बाध्यता सुनिश्चित करेगी कि उनके यहां 75 प्रतिशत नौकरी यूपी के लोगों को ही दिया जाए।
मंत्री अनिल राजभर ने पटेल को दिया जवाब
इसपर राजभर ने कहा कि ऐसा संभव नहीं है। बाहर से निवेश करने के लिए आने वाली कम्पनियां कुशल श्रमिकों की तलाश करती हैं और जब उनकी कमी होती है तो दूसरे राज्यों के लोगों को नौकरी पर रखती हैं। इसपर कोई पाबंदी नहीं लगायी जा सकती है।












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