प्रियंका गांधी को यूपी चुनाव में सीएम फेस क्यों नहीं बना रही है कांग्रेस?
प्रियंका गांधी को यूपी में सीएम फेस बनाने की हिम्मत क्यों नहीं बना रही कांग्रेस?
लखनऊ, 16 नवंबर: उत्तर प्रदेश में 2022 में होने वाला विधानसभा चुनाव का औपचारिक ऐलान अभी नहीं हुआ है लेकिन राजनीतिक दल दमखम के साथ मैदान में उतर चुके हैं। सक्रियता के लिहाज से देखें तो मुख्य दलों में कांग्रेस एक ऐसी पार्टी है, जो लगातार सड़कों पर रही है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार लगातार धरना प्रदर्शन करने और सड़क पर रहने वाले नेता हैं। वहीं प्रियंका गांधी भी लगातार सक्रिय हैं। तमाम दावों और वादों के बीच कांग्रेस एक चीज से बच रही है और वो सीएम फेस का ऐलान।

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की आलाकमान तो प्रियंका हीं
उत्तर प्रदेश में एक चीज काफी समय से साफ है कि यहां पार्टी का कामकाज प्रियंका गांधी देख रही हैं। कांग्रेस नेता कई बार ये कह भी चुके हैं कि वो प्रियंका गांधी के नेतृत्व में चुनाव लड़ रहे हैं। उत्तर प्रदेश में हाथरस, लखीमपुर जैसी घटनाएं हों या उससे पहले सीएए आंदोलन, प्रियंका ही वो नेता थीं, जो यहां आईं। चुनाव को लेकर तमाम घोषणाएं भी प्रियंका की ओर से ही की गईं लेकिन सीएम फेस उनको नहीं घोषित किया गया है।

दो साल से प्रियंका को लेकर हो रही बातें
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को उत्तर प्रदेश में सीएम फेस बनाने की बातें करीब दो साल से हो रही हैं। कोरोना काल से पहले प्रियंका गांधी लखनऊ शिफ्ट होने की बातें भी सामने आई थीं। तब गोखले मार्ग पर इंदिरा गांधी की मामी शीला कौल के बंगले में उनके आने की बात आई थी। हालांकि ये मामला टल गया और वो दिल्ली में ही रहीं। सवाल ये है कि प्रियंका को लेकर कांग्रेस कदम बार-बार आगे बढ़ने की कोशिश कर पीछे क्यों कर लेती है।

अच्छा नहीं है पुराना अनुभव
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का अनुभव लंबे समय से बहुत सुखद नहीं रहा है। खासतौर से 2017 की बात करें तो वो अपना दल से भी नीचे चली गई थी। 2017 में कांग्रेस ने शीला दीक्षित को सीएम फेस बनाया था लेकिन फिर सपा के साथ गठबंधन में जाने का फैसला लिया था। हालांकि पार्टी 10 सीट भी नहीं पा सकी थी। कांग्रेस ने 1989 के चुनाव में 94 सीटें जीती थीं। इसके बाद कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में कभी भी 50 सीटों का आंकड़ा नहीं छुआ है। ऐसे में कांग्रेस प्रियंका गांधी को सीएम फेस बनाने का रिस्क नहीं लेना चाहती क्योंकि अगर नतीजे अच्छे ना रहे तो ये उनके राजनीतिक करियर को काफी प्रभावित करेगा।

अपने नेता भी नहीं मान रहे कांग्रेस फाइट में
प्रियंका गांधी की अगुवाई में कांग्रेस यूपी में मेहनत करती तो दिख रही है। अजय लल्लू कभी अक्सर अपने संघर्ष को लेकर तारीफ पाते हैं लेकिन जमीन पर पार्टी वोटो को शायद ही बढ़ा पा रही है। तमाम सर्वे तो कांग्रेस को 10-12 सीटे दे ही रहे हैं, कई नेता भी मान रहे हैं कि उनकी स्थिति बहुत अच्छी नहीं हैं। पश्चिम यूपी में कांग्रेस के बड़े नेता इमरान मसूद तो साफ कह चुके हैं कि सपा से गठबंधन हो तो बात बनेगी नहीं तो पार्टी कहीं नहीं है। ऐसे में सारी सीटों पर अपने दम पर लड़ने की बात कर रहीं प्रियंका गांधी खुद को बतौर सीएम फेस पेश करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही हैं।












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