UP: रामलला की 'प्राण प्रतिष्ठा' की क्या आवश्यकता थी? स्वामी प्रसाद मौर्य ने उठाए सवाल
उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार को समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य जमकर गरजे। उन्होंने रामलला की प्राण प्रतिष्ठा पर सवाल उठाए। कहा कि बीजेपी नाटक कर रही है और यह दिखाने की कोशिश कर रही है कि इस सरकार से पहले कोई रामलला नहीं थे। जबकि हजारों सालों से राम की पूजा होती चली आ रही है।
आगे कहा कि पिछले हजारों सालों से पूजा की जा रही है। फिर 'प्राण प्रतिष्ठा' की क्या आवश्यकता थी? यह करोड़ों भक्तों की भावनाओं को आहत करता है। वह समारोह सांस्कृतिक नहीं था बल्कि बीजेपी, आरएसएस और वीएचपी का कार्यक्रम था।

मौर्य का तर्क है कि राम लला सदियों से पूजनीय रहे हैं और हालिया समारोह को अनावश्यक माना गया है, जिससे लाखों भक्तों को परेशानी हो रही है। उन्होंने दावा किया कि यह कार्यक्रम सांस्कृतिक नहीं था, बल्कि भाजपा, आरएसएस और वीएचपी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम था, जिससे विधानसभा में बहस और विवाद छिड़ गया।
कौन हैं स्वामी प्रसाद मौर्य ?
प्रतापगढ़ जिले के चकवड़ गांव (कुंडा) में जन्में स्वामी प्रसाद मौर्य ने 1980 में राजनीति की दुनिया में कदम रखा। 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले बसपा से बीजेपी में शामिल हुए। फिर बीजेपी से सपा का दामन थाम लिया। खास बात यह रही कि सिर्फ 5 साल में ही उनका बीजेपी से मोहभंग सा हो गया।












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