उन्नाव गैंगरेप: मुख्य गवाह को बिना पोस्टमॉर्टम के दफनाया गया, चाचा ने लगाया विधायक पर हत्या का आरोप
उन्नाव। उन्नाव गैंगरेप मामला एक बार फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर दुष्कर्म पीड़िता के चाचा ने गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि जेल में रहते हुए विधायक ने प्रमुख चश्मदीद गवाह की हत्या करा दी है। इस संबंध में दुष्कर्म पीड़िता के चाचा ने पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती पत्र दिया है। मामले में कहा गया है कि जिस प्रमुख गवाह की हत्या की गई है उसे बिना पोस्टमॉर्टम के ही दफना दिया गया है।

गौरतलब है दुष्कर्म पीड़िता के पिता के साथ गांव में ही विधायक के भाई अतुल सिंह व उसके साथियों ने मारपीट की थी। जिससे दुष्कर्म पीड़िता का पिता गंभीर रूप से घायल हो गया था। बाद में माखी थानाध्यक्ष ने कुलदीप सिंह सेंगर के समर्थक की तहरीर पर दुष्कर्म पीड़िता के पिता के खिलाफ अवैध असलहा व 151 में मुकदमा पंजीकृत कर चालान कर दिया था। गंभीर रूप से घायल दुष्कर्म पीड़िता के पिता की जिला कारागार में निरुद्ध के दौरान मौत हो गई थी। उसके बाद मचे हड़कंप में प्रदेश शासन ने पहले एसआईटी की गठन किया। उसके बाद मामले की जांच सीबीआई को दे दी। सीबीआई ने जिन 400 लोगों से पूछताछ की थी। उनमें मृतक यूनुस खान पुत्र नन्हे निवासी सराय थाना माखी भी शामिल था। दुष्कर्म पीड़िता के चाचा के अनुसार यूनुस खान मारपीट की घटना का प्रमुख चश्मदीद गवाह था जिसकी हत्या जेल के अंदर रहते हुए भाजपा विधायक ने करवा दी।
वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष संगीता सिंह सेंगर ने दुष्कर्म पीड़िता के चाचा के आरोपों को निराधार और झूठ बताया है। विवेचना अधिकारी क्षेत्राधिकारी सफीपुर ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। परिजनों द्वारा जो मेडिकल दस्तावेज दिखाए गए हैं। उसके अनुसार मृतक यूनुस खान 2013 से लीवर की बीमारी से ग्रसित था और कानपुर के हैलट अस्पताल के डॉक्टरों ने जवाब दे दिया था। जिसके बाद परिवारीजन उसे लेकर घर आ गए। जहां विगत 18 अगस्त को उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि परिवारीजनों ने मुस्लिम रीति रिवाज के अनुसार उसका कफन दफन कर दिया। इसके बाद भी यदि किसी प्रकार का मामला प्रकाश में आता है तो जांच होगी।












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