पुलिस थाने में पिटाई करना सही या गलत? Video देख आपस में भिड़े दो IPS अफसर, एक ने कहा-हेकड़ी ऐसे ही निकलती है!
पुलिस थाने में पिटाई करना सही या गलत? Video देख आपस में भिड़े दो IPS अफसर, एक ने कहा-हेकड़ी ऐसे ही निकलती है!
लखनऊ, 13 जून: उत्तर प्रदेश में हिंसा के बाद सोशल मीडिया पर उससे जुड़ी कई वीडियो और फोटोज वायरल हो रहे हैं। इन सब के बीच सबसे ज्यादा थाने में पुलिस द्वारा पीटे जाने का वीडियो, सुर्खियो में है। इस वीडियो में थाने के भीतर पुलिसकर्मी कुछ लोगों को लाठी से पीटते हुए नजर आ रहे हैं। इस वीडियो को शेयर कर सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि पिट रहे लोग उत्तर प्रदेश में हुई हिंसा के बाद गिरफ्तार उपद्रवी हैं। सोशल मीडिया इस वीडियो को लेकर दो धरों में बंट गया है। कई लोगों ने इसकी आलोचना की है तो वहीं कई लोगों ने इसको सही ठहराया है। अब इसी वीडियो को लेकर देश के दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आपस में भिड़ गए हैं और सोशल मीडिया पर अपनी-अपनी राय रखी है।

'अत्यंत ही मनोहारी दृश्य है, हेकड़ी ऐसे ही निकलती है...'
भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के दो वरिष्ठ अधिकारियों में इस वीडियो को लेकर ट्विटर पर जुबानी जंग छिड़ गई है। थाने में लोगों को पीटे जाने का वीडियो ट्विटर पर शेयर करते हुए केरल के पुलिस महानिदेशक रह चुके डॉ. एनसी अस्थाना ने कहा, ''अत्यंत ही मनोहारी दृश्य! सुन्दर, अतीव सुन्दर! हेकड़ी ऐसे ही निकलती है!''
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दूसरे IPS ने जवाब दिया- 'हिरासत हिंसा खुशी की बात नहीं...'
आईपीएस डॉ. एनसी अस्थाना का जवाब देते हुए ओडिशा कैडर के आईपीएस अफसर अरुण बोथरा ने ट्विटर पर लिखा, ''सर, बहुत ही सम्मान के मैं आपसे कहना चाहता हूं कि हिरासत में हिंसा खुशी की बात नहीं होती है। पुलिस थाने में हिरासत में लेकर किसी भी शख्स की पिटाई कराना बहादुरी का काम बिल्कुल नहीं है। यह एक अपराध है। प्लीज गैर कानूनी प्रैक्टिस का महिमामंडन ना कीजिए। अदालतों के पास दोषियों को दंडित करने का अधिकार है और उनका कर्तव्य भी है। पुलिस का काम ये नहीं है।"

'हलो दंगाईयों...गुंडई करोगे तो क्या होगा, समझ ही गए होगे...'
बता दें कि डॉ. एनसी अस्थाना ने हिंसा पर एक के बाद एक कई ट्वीट किए हैं। सोमवार (13 जून) की सुबह अपने एक ट्वीट में डॉ. एनसी अस्थाना ने लिखा, ''हलो दंगाईयों (किसी भी समुदाय के), योगी आदित्यनाथ का सबक सीखे...? कानून का पालन करो और कायदे से,अपनी औकात में रहो। गुंडई करोगे तो क्या होगा, समझ ही गए होगे? कल दिन भर लिब्बू लोग छाती पीटे, रोये गाये, विरोध किए, कुछ उखाड़ पाए? ढह गया न? उनके बहकावे में न आओ। बाल-बच्चों का ख्याल करो।''

'निर्दोष छेड़ा नहीं जाएगा, दोषी छोड़ा नहीं जाएगा...'
डॉ. एनसी अस्थाना ने अपने एक ट्वीट में कहा, ''संदेश ये है कि दादागिरी बहुत कर ली, दबाव की राजनीति बहुत कर ली, सड़कों पर दंगे बहुत कर लिए, कभी सरकारों ने उन्हें बर्दाश्त किया होगा, योगी सरकार धृष्टता बर्दाश्त नहीं करेगी। कानून तोड़ने की हिमाकत न करना, परिणाम सामने है। निर्दोष छेड़ा नहीं जाएगा, दोषी छोड़ा नहीं जाएगा। याद रहे।''
अपने एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, ''जो धूर्त कानून की दुहाई दे रहे हैं, उनसे निवेदन है कि कानून की शरण में जाएं। कोर्ट का दरवाजा खुला है। वहां प्रदेश का शासन उन्हें उचित उत्तर दे देगा। फिलहाल, महाराज जी ने दंगाईयों को स्पष्ट संदेश दे दिया है जिसके विषय में ट्वीट भी किया था।''

'पुलिस के साथ खड़े रहें, पुलिस ही देश में शांति बनाए रख सकती है...'
डॉ. एनसी अस्थाना ने अपने एक ट्वीट में कहा, ''अपनी पुलिस के साथ खड़े रहें। पुलिस ही देश में शांति बनाए रख सकती है। सही गलत का फैसला कोर्ट करेंगे, लिब्बू नहीं। देश में पुलिस ही स्थाई शांति बनाए रख सकती है, और कोई नहीं। कुछ सेक्युलर और लिबरल लोगों ने पुलिस की निंदा करना फैशन बना रखा है। इनका उद्देश्य ही देश में अस्थिरता फैलाना है। पुलिस का मनोबल गिराने के कार्य करना बहुत गलत बात है। इससे सजग रहें।''












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