21 साल तक चला यह मर्डर केस, 2 आरोपियों को उम्रकैद की सजा
खेत में पानी लगाने के दौरान हुए विवाद में यह हत्या हुई थी। मर्डर केस 21 सालों तक चलता रहा। इसमें अब जाकर फैसला आया है। दो को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
इलाहाबाद। देश में न्यायिक प्रक्रिया कितनी धीमी चलती है। इसका एक और उदाहरण सामने आया है। दो दशक तक कोर्ट- कचहरी का चक्कर काटने के बाद सुनवाई पूरी हुई। मामला कोखराज के नजरगंज गांव का था जहां 21 साल पहले खेत में पानी लगाने के दौरान हत्या हुई थी। अब जाकर इस मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। इन इक्कीस सालों में जिला अदालत ने 12 आरोपियों में 10 को दोष मुक्त कर दिया और 2 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया है।

पीट पीट कर हुई थी हत्या
13 जून 1996 की सुबह ओमप्रकाश खेत में पानी लगाने गया था। उसी दौरान गांव के ही बच्चूलाल आदि वहां पहुंच गये। पानी को लेकर दोनों में कहासुनी होने लगी। तब तक आवाज सुनकर बच्चूलाल के घर से परिजन भी आ गये। मामला बढ़ा तो गालीगलौज के साथ मारपीट होने लगी। ओमप्रकाश को लाठी डंडे व फावड़े से पीट-पीट कर मार डाला
पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप-पत्र न्यायालय में पेश किया गया। अपर सत्र न्यायाधीश (तृतीय) के यहां मामले की सुनवाई शुरू हुई । जज आते-जाते रहे और मामला खिंचता चला गया । इस मामले में बच्चूलाल पुत्र दुजई, शिवदास पुत्र नत्थू, कलावती पत्नी विशाल, सुषमा देवी पत्नी धरमदास, महरनियां पत्नी शिवदास, रामकली पत्नी बच्चूलाल, चौरी पत्नी रामदास, सतनी पत्नी अर्जुन, रामदास पुत्र दुजई, विशाल पुत्र दुजई, अर्जुन पुत्र दुजई, बच्चीलाल प्रधान पुत्र दशऊ आरोपी थे।
वर्तमान समय में अपर सत्र न्यायाधीश (तृतीय) इफ्तेखार अहमद सुनवाई कर रहे थे। सुनवाई के दौरान वादिनी समेत सभी गवाहों को शासकीय अधिवक्ता ने पेश किया। उभय पक्षों को सुनने के बाद पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया गया। मामले में बच्चूलाल और शिवदास पर ही हत्या का आरोप साबित हुआ। इस पर न्यायालय ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जबकि अन्य को दोषमुक्त कर दिया।












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