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अयोध्या पर SC के फैसले से लेकर उन्नाव की रेप पीड़िता को जिंदा जलाने तक, यूपी की 9 ऐसी खबरें जिसकी देशभर में हुई चर्चा

लखनऊ। साल 2019 खत्म होने वाला है, इसी के साथ नए साल 2020 का आगाज हो जाएगा। इस साल उत्तर प्रदेश में तमाम ऐसी घटनाएं हुईं, जिसने देशभर का ध्यान अपनी ओर खींचा। सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर फैसला सुनाया। उन्नाव में रेप पीड़िता को जिंदा जला दिया गया। सोनभद्र में जमीन विवाद में 10 लोगों को गोलियों से छलनी कर मौत के घाट उतार दिया गया। वहीं, भाजपा से निष्काषित विधायक कुलदीप सेंगर को नाबालिग से गैंगरेप और किडनैपिंग मामले में दोषी ठहराया गया। वनइंडिया हिंदी आपको यूपी की ऐसी ही 9 खबरों के बारे में बता रहा है, जो देशभर में चर्चा का विषय रहीं।

अयोध्या: राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला

अयोध्या: राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला

9 नवंबर को राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया। फैसले में सुप्रीम कोर्ट के पांचों जजों ने कहा कि विवादित जमीन हिंदुओं को सौंपी गई। केंद्र सरकार एक ट्रस्ट बनाएगी जो मंदिर का निर्माण कराएगी। यह जमीन अभी केंद्र सरकार के पास रहेगी और बाद में ट्रस्ट को दी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को सुन्नी वक्फ बोर्ड को 5 एकड़ की वैकल्पिक जमीन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

लोकसभा चुनाव 2019: यूपी में किस सीट पर कौन जीता

लोकसभा चुनाव 2019: यूपी में किस सीट पर कौन जीता

लोकसभा चुनाव में सभी की नजरें यूपी के परिणामों पर थी। यहां के नतीजों में महागठबंधन पर बीजेपी भारी पड़ती नजर आई तो कांग्रेस एक ही सीट पर सिमट तक रह गई। अमेठी से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी अपना गढ़ नहीं बचा सके और केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने यहां से जीत दर्ज की। यूपी में बीजेपी के खाते में 62 सीटें आईं जबकि बीएसपी को 10 और एसपी को 5 सीटें मिलीं। वहीं अपना दल को यूपी में 2 सीटों पर जीत मिली लेकिन महागठबंधन में शामिल आरएलडी के खाते में एक भी सीट नहीं आई।

बरेली: साक्षी मिश्रा-अ​जितेश की लव मैरिज

बरेली: साक्षी मिश्रा-अ​जितेश की लव मैरिज

भाजपा विधायक राजेश मिश्रा की बेटी साक्षी मिश्रा ने एक दलित लड़के अजितेश से तीन जुलाई को भागकर शादी कर ली। बाद में सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने साक्षी के पिता और भाई से अपनी जान को खतरा होने का दावा किया था। मामले ने तूल तब पकड़ा जब दंपति नोएडा में एक टीवी स्टूडियो में दिखाई दिए गए, जहां दोनों ने जाति के कारण साक्षी के परिवार द्वारा शादी अस्वीकार करने का आरोप लगाया था। मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा, जिसने राज्य सरकार को दंपति को सुरक्षा प्रदान करने का आदेश दिया और उनकी शादी को वैध भी ठहराया। ​​उधर, भाजपा विधायक ने अपने और अपने परिवार पर लगे सभी आरोपों को गलत बताया था। फिलहाल, साक्षी और अजितेश अपने वैवाहिक जीवन में खुश हैं और दिल्ली में रह रहे हैं।

सोनभद्र: जमीन पर कब्जे के लिए 10 लोगों को गोलियों से भूना

सोनभद्र: जमीन पर कब्जे के लिए 10 लोगों को गोलियों से भूना

सोनभद्र के उम्भा गांव में 17 जुलाई को 32 ट्रैक्टर-ट्रालियों में भरकर प्रधान समेत करीब 300 लोग जमीन पर कब्जा करने पहुंचे और दिनदहाड़े ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर 10 लोगों की हत्‍या कर दी। 23 लोग जख्मी हुए थे। इस नरसंहार में 28 लोगों पर नामजद और 40-50 अज्ञात लोगों पर एससी-एसटी एक्ट, आर्म्स एक्ट समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया था। मुख्य आरोपी सहित कुल 70 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई।

शाहजहांपुर: स्वामी चिन्मयानंद पर यौन शोषण का आरोप

शाहजहांपुर: स्वामी चिन्मयानंद पर यौन शोषण का आरोप

शाहजहांपुर के एसएस लॉ कॉलेज की एलएलएम की छात्रा 23 अगस्त लापता हो गई थी। एक दिन बाद लड़की ने सोशल मीडिया में वीडियो शेयर किया। रोते हुए लड़की ने कॉलेज प्रबंधक और भाजपा के पूर्व सांसद स्वामी चिन्मयानंद पर कई लड़कियों की जिंदगी बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए खुद की जान को खतरा बताया। छात्रा के पिता ने शाहजहांपुर में चिन्मयानंद के खिलाफ अपहरण का अरोप लगाते हुए केस दर्ज करवाया। 30 अगस्त को छात्रा राजस्थान में अपने एक दोस्त के साथ बरामद की गई। बाद में उसे सुप्रीम कोर्ट में पेश किया गया। सुप्रीम कोर्ट ने उसकी शिकायतों के आधार पर यूपी सरकार को एसाआईटी का गठन करने का आदेश दिया। एसआईटी ने मामले की जांच की, जिसके बाद 20 सितंबर को चिन्मयानंद को जेल भेज दिया गया था और 25 सितंबर को छात्रा को 5 करोड़ की रंगदारी मांगने के आरोप में जेल भेज दिया गया था। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद 11 दिसंबर को छात्रा को जेल से रिहा किया गया है, जबकि चिन्मयानंद अभी जेल में ही बंद है।

यूपीपीसीएल में 2600 करोड़ रुपए का पीएफ घोटाला

यूपीपीसीएल में 2600 करोड़ रुपए का पीएफ घोटाला

उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) में 2600 करोड़ रुपए के पीएफ घोटले का मामला सामने आया। मामले में आर्थिक अपराधा शखा, (EOW) इस केस की जांच कर रही है। दरअसल, बिजली कर्मचारियों की कमाई को एक विवादास्पद कंपनी डीएचएफएल में निवेश कर दिया था। इस मामले में अब तक तत्कालीन वित्त निदेशक सुधांशु द्विवेदी, ट्रस्ट सचिव पीके गुप्ता और पूर्व एमडी एपी मिश्र की गिरफ्तारी हो चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है। विपक्ष इस मामले में लगातार सत्तारूढ़ सरकार पर हमलावर है। वहीं, ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा था कि हमारी यह लगातार कोशिश है कि यूपीपीसीएल का जो पैसा डीएचएफएल में फंसा है वह हर हाल में वापस आए। कर्मचारी हमारे परिवार की तरह हैं, उनका अहित नहीं होने दिया जाएगा।

उन्नाव: गैंगरेप पीड़िता को आरोपियों ने जिंदा जलाया

उन्नाव: गैंगरेप पीड़िता को आरोपियों ने जिंदा जलाया

उन्‍नाव के बिहार थाना क्षेत्र की रहने वाली 23 वर्षीय युवती ने शिवम और शुभम नाम के युवकों पर बलात्कार करने का मुकदमा दर्ज कराया था। 5 दिसंबर को युवती मुकदमे की पैरवी के सिलसिले में रायबरेली रवाना होने के लिए सुबह करीब चार बजे बैसवारा रेलवे स्टेशन जा रही थी कि तभी रास्ते में बिहार-मौरांवा मार्ग पर शिवम और शुभम ने अपने साथियों की मदद से उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। 90 फीसदी तक जल चुकी पीड़िता को गंभीर हालत में लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया था। बाद में एयरलिफ्ट कर दिल्ली के सफदरजंग लाया गया, जहां इलाज के दौरान पीड़िता को पहले कार्डियक अरेस्ट आया फिर उसकी मौत हो गई। इस मामले के पांचों आरोपी जेल में हैं। हैदराबाद में महिला डॉक्टर की गैंगरेप के बाद हत्या के बाद हुई इस वारदात से देशभर में गुस्सा रहा।

उन्नाव रेप केस: विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दोषी करार

उन्नाव रेप केस: विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दोषी करार

उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित उन्नाव गैंगरेप केस में दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने 16 दिसंबर को को विधायक कुलदीप सेंगर को रेप और अपहरण का दोषी करार दिया। 2017 में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। पीड़ित ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिख इंसाफ की गुहार लगाई थी। पीड़ित ने इस पत्र में बताया था कि विधायक सेंगर ने उसके साथ रेप किया है। 2018 में सीबीआई ने इस संबंध में मामला दर्ज किया था। कुलदीप सेंगर को 14 अप्रेल 2018 को गिरफ्तार किया गया था। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर केस लखनऊ से दिल्ली कोर्ट ट्रांसफर हुआ था। 5 अगस्त से रोजाना बंद कमरे में सुनवाई हो रही थी। इस दौरान अभियोजन पक्ष के 13 गवाहों और बचाव पक्ष के 9 गवाहों से जिरह हुई। पीड़ित का बयान दर्ज करने के लिए एम्स में स्पेशल कोर्ट बनाया गया था। 10 दिसंबर को 2019 को तीस हजारी कोर्ट ने कुलदीप सेंगर के खिलाफ अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। कोर्ट ने कुलदीप सेंगर आपराधिक षड्यंत्र, अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत आरोप तय किए थे।

बिजनौर: कोर्ट रूम में जज के सामने आरोपी की गोली मारकर हत्या

बिजनौर: कोर्ट रूम में जज के सामने आरोपी की गोली मारकर हत्या

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में कोर्ट रूम के भीतर हत्या आरोपी की जज के सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस मामले में योगी सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 18 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया। जिन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है उसमे एक सब इंस्पेक्टर भी शामिल है।

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