'मेरा सिर-जीभ काटने की धमकी देने वाले को मैं आतंकी क्यों न समझूं', स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा

Swami Prasad Maurya Latest News: सपा नेता और एमएलसी स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा, 'ये लोग मेरे सिर काटने, जीभ काटने की बात कर रहे हैं तो क्या मैं इन्हें शैतान, जल्लाद, आतंकी न समझूं।'

SP Leader Swami Prasad Maurya

Swami Prasad Maurya: समाजवादी पार्टी के नेता और एमएलसी स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा रामचरितमानस पर कथित टिप्पणी को लेकर विवाद अभी शांत भी नहीं हुआ था कि उन्होंने साधू-संतों को लेकर विवादित बयान दे दिया। स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा, 'ये लोग मेरे सिर काटने, जीभ काटने की बात कर रहे हैं तो क्या मैं इन्हें शैतान, जल्लाद, आतंकी न समझूं।' स्वामी प्रसाद मौर्य के इस बयान के बाद अयोध्या में राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य पागल हो गए हैं।

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    'मेरा सिर-जीभ काटने की धमकी देने वाले को मैं आतंकी क्यों न समझूं', स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा

    सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए कहा, 'मैंने रामचरितमानस के चौपाई के कुछ अंशों की बात की थी जिसमें स्त्रियों, आदिवासियों और पिछड़ी जातियों को नीच का दर्ज़ा दिया गया है। गाली कभी धर्म का हिस्सा नहीं हो सकती। मैं जो बोल देता हूं कभी उसका खंडन नहीं करता।' उन्होंने आगे कहा कि अगर किसी और धर्म का व्यक्ति किसी की गर्दन काटने या जीभ काटने का बयान देता तो यही धर्मगुरु संत-महंत उसे आतंकवादी कह देते हैं। लेकिन आज ये लोग मेरे सिर काटने, जीभ काटने की बात कर रहे हैं तो क्या मैं इन्हें शैतान, जल्लाद, आतंकी न समझूं।

    इतना ही नहीं, स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने ऑफिशियल फेसबुक पेज पर लिखा कि 'धर्म के नाम पर आदिवासियों, दलितों, पिछड़ों एवं महिलाओं पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को प्रतिबंधित किए जाने की मांग पर कुछ धर्म के ठेकेदारों ने मेरी जीभ काटने एवं सिर काटने वालों को इनाम घोषित किया है, अगर यही बात कोई और कहता तो यही ठेकेदार उसे आतंकवादी कहते, किंतु अब इन संतों, महंतों, धर्माचार्यों एवं जाति विशेष लोगों को क्या कहा जाए आतंकवादी, महाशैतान या जल्लाद।' उन्होंने मीडिया से बात करते हुए पूछा कि उनके पेट में दर्द क्यों हो रहा है।

    उन्होंने कहा कि अगर वो संत होते, महंत होते और उनका सही में धर्म में विश्वास होता तो वह जीभ काटने, सीर काटने का फरमान जारी नहीं करते। आपको बता दें, इससे पहले स्वामी प्रसाद मौर्य ने ब्राह्मण समाज पर अभद्र टिप्पणी की थी। प्रदेश में हो रहे विरोध के सवाल पर बुधवार को स्वामी प्रसाद ने कहा था कि सिर्फ जाति विशेष के लोगों द्वारा ही उनका विरोध किया जा रहा है। पंडे, पुजारियों को अपने धंधे पर खतरा दिखाई दे रहा है। उन्हें इस बात का आभास हो गया है कि मौर्य जी के आह्वान पर अगर दलित, पिछड़े एक हो गए तो यह मंदिर आना बंद कर देंगे, जिससे चढ़ावा और पेट पूजा बंद हो जाएगी।

    तो वहीं, अब उनके इस बयान पर अयोध्य के राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि साधु-संत भगवान के भक्त हैं, वो उनके कहने से आतंकवादी-जल्लाद नहीं हो जाएंगे। जिसकी जो मानसिकता होती है वो वही साधुओं के प्रति व्यक्त करता है। उनकी मानसिकता जल्लाद, राक्षस, पिशाच की है, इसी भाव से वे बोल रहे हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य पागल हो गए है। उनकी जगह या तो जेल में है, या फिर पागलखाने में।

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