जीडी अग्रवाल के गुरु ने उनकी मौत को बताया हत्या, पोस्टमॉर्टम कराने की मांग
वाराणसी। गंगा के लिए लगातार 110 दिनों से अनशन कर रहे स्वामी सानंद (जीडी अग्रवाल) का गुरुवार को ऋषिकेश में निधन हो गया। जीडी अग्रवाल के निधन के बाद उनके गुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उनकी मौत को हत्या बताया है और पोस्टमॉर्टम कराने की मांग की है। साथ ही उनके गुरु ने जीडी अग्रवाल के शरीर को बीएचयू मेडिकल कॉलेज में देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह उनकी अंतिम इच्छा थी।

गंगा की सफाई को लेकर पिछले 111 दिन से अनशन पर बैठे पर्यावरणविद् जीडी अग्रवाल का 86 साल की उम्र में निधन हो गया है। प्रो. जीडी अग्रवाल द्वारा जल त्यागने के अगले ही दिन बुधवार दोपहर को प्रशासन ने उन्हें जबरन ले जाकर ऋषिकेश स्थित एम्स अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां उन्होंने आखिरी सांस ली। बता दें कि जीडी अग्रवाल ने गंगा की सफाई के मुद्दे पर साल 2012 में पहली बार आमरण अनशन पर बैठए थे। इसके बाद 22 जून 2018 से उन्होंने हरिद्वार के कनखल के जगजीतपुर स्थित मातृदसन आश्रम में दोबार आमरण अनशन शुरू किया था। दो दिन पहले उन्होंने जल भी त्याग दिया था।

जीडी अग्रवाल के निधन के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मीडिया को उनके हाथ द्वारा लिखा पत्र दिया है। साथ ही स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती उनके निधन को साजिश बता रहे है। उन्होंने यह आशंका जाहिर की है कि उनके अनशन से डरी हुई सरकार और नुकसान उठा रही बांध कंपनियों ने उनकी हत्या कराई है। साथ ही उन्होंने स्वामी सानंद के शरीर को काशी हिंदू विश्वविद्यालय को दिए जाने की भी मांग की है। जीडी अग्रवाल के गुरू ने कहा कि पोस्टमॉर्टम कराए जाने के बाद उनकी मौत की उच्च स्तरीय जांच भी कराई जाये।












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