• search
उत्तर प्रदेश न्यूज़ के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  

अयोध्या में बाबरी मस्जिद-राम मंदिर विवाद की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू

|

अयोध्या। सुप्रीम कोर्ट आज से अयोध्या में राम मंदिर और बाबरी मस्जिद विवाद की सुनवाई शुरु कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली बेंच ने पिछली सुनवाई में यह साफ कर दिया था कि इस मामले में सुनवाई को टाला नहीं जाएगा। आज सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वो इस मामले को भूमि के विवाद की तरह देखेगी। वहीं इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम पक्षकार की ओर से दिग्गज कांग्रेस नेता और वकील कपिल सिब्बल ने कहा था कि इस मामले की सुनवाई की इतनी जल्दी क्यों है, उन्होंने कोर्ट से कहा था कि इस मामले की सुनवाई जुलाई 2019 के बाद होनी चाहिए।

सिब्बल ने सुनवाई 2019 में करने को कहा था

सिब्बल ने सुनवाई 2019 में करने को कहा था

पिछली सुनवाई में कपिल सिब्बल ने कहा था कि यह साधारण विवाद नहीं है और इस मामले की सुनवाई से देश की राजनीति में पर भविष्य में बड़ा असर पड़ेगा। सिब्बल और अन्य वकीलों ने मुस्लिम संगठनों की ओर से पैरवी करते हुए कहा था कि इस मामले को संवैधानिक बेंच को रेफर करना चाहिए, साथ ही मामले की सुनवाई को 2019 तक टालने की भी अपील की गई थी। एक तरफ जहां मुस्लिम पक्ष की ओर से सिब्बल पेश हुए थे तो दूसरी तरफ राम जन्मभूमि ट्रस्ट व राम लला की ओर से देश के जाने माने वकील हरीश साल्वे व सीएश वैद्यनाथन कोर्ट में पेश हुए थे।

7 वर्षों से लंबित है मामला

7 वर्षों से लंबित है मामला

रामजन्मभूमि ट्रस्ट की ओर से पैरवी करते हुए साल्वे ने कहा था कि यह अपील पिछले 7 वर्षों से लंबित है, किसी को भी यह नहीं पता है कि इस मामले में क्या फैसला होना है, लिहाजा मामले की सुनवाई शुरू की जानी चाहिए। सिब्बल के तर्क पर पलटवार करते हुए साल्वे ने कहा था कि उसे इस बात से कोई मतलब नहीं होना चाहिए कि कोर्ट के बाहर क्या परिस्थितियां हैं और इस फैसले से बाहर क्या हो रहा है।

यूपी सरकार ने भी रखा था पक्ष

यूपी सरकार ने भी रखा था पक्ष

वहीं उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से कोर्ट में पेश हुए अडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि इस मामले में सभी दस्तावेजों को पेश किया जा चुका है, लिहाजा इस मामले की जल्द से जल्द सुनवाई होनी चाहिए। 11 जुलाई की सुनवाई के दौरान मेहता ने कहा था कि इसकी सुनवाई की तारीख को जल्द से सजल्द तय किया जाना चाहिए। जबकि कपिल सिब्बल, राजीव धवन व अनूप चौधऱी ने कहा था कि इस मामले में हजारों पेज के दस्तावेज का अंग्रेजी अनुवाद किया जाए, जिसके बाद कोर्ट ने तीन महीने का वक्त इसके अनुवाद के लिए दिया था।

इसे भी पढ़ें- करणी सेना की धमकी, 3 महीने में शुरू हो राम मंदिर निर्माण

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

lok-sabha-home

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Supreme Court to hear the Ayodhya Babri Masjid and Ram temple dispute from today
For Daily Alerts

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more