सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में सुनवाई
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नई दिल्ली, 08 नवंबर: सुप्रीम कोर्ट सोमवार को लखीमपुर खीरी हिंसा मामले की सुनवाई करेगा। 3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी में किसानों के प्रदर्शन के बाद उपजी हिंसा में चार किसानों सहित 8 लोगों की मौत हो गई थी, जिसका बाद पूरे देश में राजनीतिक उबाल आ गया था। वहीं किसानों को गाड़ी से कुचलने का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसका आरोप केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी ने अपने बेटे आशीष मिश्रा पर लगा है। इस मामले में पुलिस अब तक आशीष मिश्रा समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।

वहीं अब सोमवार (08 नवंबर) को चीफ जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस सूर्यकांत और हेमा कोहली की पीठ उस मामले की सुनवाई करेगी, जिसमें कोर्ट ने 26 अक्टूबर को यूपी सरकार को गवाह संरक्षण योजना, 2018 के तहत गवाहों को सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया था। साथ ही अदालत ने यूपी सरकार को दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 164 के तहत न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष अन्य गवाहों के बयान दर्ज करने और विशेषज्ञों की ओर से डिजिटल साक्ष्य की जांच में तेजी लाने को भी कहा था। सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज किए जाते हैं और उनका साक्ष्य मूल्य होता है।
साथ ही बेंच ने एक पत्रकार और श्याम सुंदर की भीड़ की ओर से कथित तौर पर पीट-पीट कर हत्या किए जाने पर राज्य सरकार से स्थिति रिपोर्ट मांगी थी। आपको बता दें कि दो वकीलों ने चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर लखीमपुर खीरी हिंसा मामले की हाई लेवल जांच की मांग की थी, जिसमें सीबीआई भी शामिल है। जिसके बाद शीर्ष अदालत इस मामले की सुनवाई कर रही है।
राज्य सरकार की ओर से पेश वकील ने 26 अक्टूबर को कोर्ट को बताया था कि 68 गवाहों में से 30 गवाहों के बयान सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज किए गए हैं और कुछ और गवाहियां दर्ज की जाएंगी। राज्य के वकील ने पीठ को बताया कि इन 30 गवाहों में से 23 चश्मदीद गवाह होने का दावा हैं। उन्होंने कहा कि अब तक 16 आरोपियों की पहचान की जा चुकी है।












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