Suar bypoll: स्वार सीट पर उम्मीदवारी को लेकर अपना दल-बीजेपी के बीच बढ़ेगी टेंशन?
रामपुर की स्वार सीट पर उम्मीदवारी के बदले बीजेपी अनुप्रिया पटेल के पति और यूपी के कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल को एक बार और एमएलसी बना सकती है। आशीष का कार्यकाल अगले साल मई में समाप्त हो रहा है।

Suar Vidhansabha bypoll in Rampur: उत्तर प्रदेश में एक तरफ जहां निकाय चुनाव का शोर शुरू हो गया है वहीं दूसरी तरफ यूपी में स्वार सीट पर दस मई को उपचुनाव भी होना है। इस उपचुनाव को लेकर भी भारतीय जनता पार्टी (BJP) पूरी तरह से तैयारी में जुटी है। बीजेपी के सूत्रों का दावा है कि इस बार बीजेपी स्वार में अपना उम्मीदवार उतारने पर विचार कर रही है। बीजेपी और अपना दल के गठबंधन में पिछली बार ये सीट अपना दल (एस) के खाते में चली गई थी। अब ये अटकलें लगाई जा रही हैं कि इस सीट पर उम्मीदवारी को लेकर बीजेपी और अपना दल के बीच बड़ी डील हो सकती है। बीजेपी रामपुर में उम्मीदवारी के बदले आशीष पटेल को विधान परिषद में एक और कार्यकाल पकड़ा सकती है।

स्वार में दिख सकता है कि बीजेपी-सपा में टक्कर
समाजवादी पार्टी के विधायक अब्दुल्ला आजम की अयोग्यता के बाद 10 मई को होने वाले उपचुनाव में भाजपा रामपुर की स्वार विधानसभा सीट पर अपना उम्मीदवार उतारने के विकल्प पर विचार कर रही है। विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने ये सीट अपना दल (एस) को सीट दी थी, जिसने अब्दुल्ला के खिलाफ एक मुस्लिम उम्मीदवार हैदर अली को मैदान में उतारा था। राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो बीजेपी का ये कदम 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा बनाम समाजवादी पार्टी के संभावित चुनावी मुकाबले को फिर से सुर्खियों में ला सकता है।

रामपुर की तीन सीटें बीजेपी और एक सीट सपा के पास
भाजपा सूत्रों ने कहा कि आजम द्वारा 2022 के विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए सीट खाली करने के बाद भाजपा ने पिछले साल एक उपचुनाव में रामपुर लोकसभा सीट जीती थी। उस समय भाजपा उम्मीदवार घनश्याम लोधी ने सपा के असीम राजा को 42,000 से अधिक मतों के अंतर से हराया था। इस प्रकार पिछले एक साल में रामपुर में स्वार उपचुनाव चौथा चुनाव होगा। रामपुर की पांच विधानसभा सीटों में से तीन- मिलक, बिलासपुर और रामपुर- भाजपा के पास हैं। इनमें से सिर्फ चमरौआ सपा के पास हैं और यहां से नसीर खान विधायक हैं।

आलाकमान की हरी झंडी के इंतजार में रामपुर बीजेपी ईकाई
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि पार्टी नेतृत्व द्वारा उम्मीदवार को अंतिम रूप दिए जाने के बाद पार्टी की रामपुर इकाई को मैदान में उतरने के लिए कहा गया है। भाजपा के रामपुर अध्यक्ष अभय गुप्ता ने कहा कि जिला इकाई "पूरी तरह से तैयार" है और पार्टी आलाकमान के अंतिम आदेशों का "बस इंतजार" कर रही है। सूत्रों ने कहा कि बीजेपी ने स्वार से चुनाव लड़ने का दावा पेश किया है, लेकिन वह अपने सहयोगी दल अपना दल (एस) को अपने कार्यकारी अध्यक्ष आशीष पटेल को यूपी विधान परिषद में एक और कार्यकाल देकर समझौता कर सकती है। आशीष पटेल का कार्यकाल अगले मई में समाप्त होने वाला है। आशीष पटेल केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के पति हैं और योगी आदित्यनाथ कैबिनेट में मंत्री हैं।

मुस्लिम दबदबे वाली सीट में सेंध लगाना चाहती है बीजेपी
जानकारों का कहना है कि बीजेपी मुस्लिम वोटरों के दबदबे वाले विधानसभा क्षेत्र स्वार में सेंध लगाना चाहती है। 2002 से 2012 तक इस सीट पर कांग्रेसी काज़िम अली खान जीते, जो 2007 में सपा में चले गए। खान ने 2017 में अब्दुल्ला के खिलाफ बसपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि 2017 में रामपुर का समीकरण समाजवादी पार्टी के पक्ष में झुका हुआ था, जिस साल बीजेपी यूपी में भारी बहुमत के साथ सत्ता में आई थी।

स्वार में बीजेपी का पिछला रिकॉर्ड अच्छा नहीं
आंकड़े बताते हैं कि 2017 में अब्दुल्ला ने बीजेपी की लक्ष्मी सैनी को 53096 वोटों के अंतर से हराया था। 2022 में जब अब्दुल्ला ने काजिम अली के बेटे अपना दल के हैदर अली को हराया तो मार्जिन बढ़कर 60738 हो गया। यह आजम के जीत के अंतर से भी अधिक था जिन्होंने आकाश को 55141 मतों के अंतर से हराया था। यहां तक कि 2019 के लोकसभा चुनावों में एसपी की जीत का अंतर स्वार विधानसभा क्षेत्र में 63,759 वोट से अधिक था। आजम को 1,31,853 वोट मिले जबकि बीजेपी की जयाप्रदा को 68,094 वोट मिले थे।












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