मोदी की काशी में स्टूडेंट-डॉक्टर आमने-सामने, ठप पड़ा मरीजों का इलाज
स्टूडेंट्स और रेसीडेंट डॉक्टरों के बीच टकराव के चलते हालात इस कदर खराब हो गए की दोनों के बीच मारपीट हो गई। जिसके बाद नाराज रेसीडेंट डॉक्टरों ने हड़ताल पर जाने का एलान कर दिया।
वाराणसी। पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में BHU के सर सुंदरलाल अस्पताल के रेसीडेंट डॉक्टर हड़ताल पर चले गए है। दरसअल मामला तब गरमा गया जब सोमवार की रात में प्रसव कक्ष में अपने मरीज को भर्ती कराने को लेकर स्टूडेंट्स और रेसीडेंट डॉक्टरों के बीच टकराव हो गया।

हालात इस कदर खराब हो गए की दोनों के बीच मारपीट हो गई। जिसके बाद नाराज रेसीडेंट डॉक्टरों ने हड़ताल पर जाने का एलान कर दिया। जिसका खामियाजा भुगतना पड़ा उन मरीजों को जो वाराणसी के साथ-साथ बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश से इलाज के लिए आए हुए थे। सर सुंदरलाल अस्पताल के ओपीडी में गेस्ट्रो, हार्ट, न्यूरो सहित कई विभागों के जूनियर डॉक्टरों के ना आने से इन सभी मरीजों को बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

क्या कहते है इलाज के लिए आए मरीज?
इलाज कराने आई गेस्ट्रो की मरीज नीलम सिंह बताती हैं कि कल रात इन्हें इमरजेंसी में एडमिट किया गया था लेकिन सुबह जब हड़ताल का एलान हो गया तो बाहर निकाल दिया गया है। अब कैसे इलाज हो कुछ समझ में नहीं आ रहा। वहीं अपनी मां के हार्ट के इलाज के लिए आए मोहन बताते हैं कि मैं सुबह से इधर-उधर भटक रहा हूं। कोई भी डॉक्टर सीधी बात नहीं बता पा रहे हैं। बिहार के गया से संजय अपनी दादी के कैंसर का इलाज कराने आए हैं जो बताते हैं कि जूनियर डॉक्टरों का केबिन खाली है।

डॉक्टर और छात्र दोनों हैं आक्रोशित
इस पूरे प्रकरण के बाद एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। एक तरफ डाक्टरों के समूह में कुछ जूनियर डॉक्टरों से जब OneIndia ने बात की तो डॉक्टर अभिषेक ने कहा कि प्रसव कक्ष में पुरुषों का प्रवेश वर्जित है। इसके बावजूद डिलेवरी हुई महिलाओं के कमरों में छात्र जबरदस्ती घुसे और हमे धमकियां भी दी। ऐसे में हम कैसे सुरक्षित महसूस करे? वहीं छात्रों के एक ग्रुप में विमल ने हमें बताया कि डाक्टरों ने उनके और उनके साथियों के साथ बदतमीजी की जिसका परिणाम आप के सामने है। उन्हें समझना चाहिए था कि हम सभी एक ही कैंपस से हैं और जब छात्र किसी की मदद के लिए आगे आए हैं तो डाक्टरों को हमे नजरअंदाज नहीं करना था। बहरहाल अब दोनों पक्षों की एक ही मांग है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

कैंपस के हालात हुए तनावपूर्ण
छात्रों और जूनियर डाक्टरों के इस आपसी मारपीट के बाद BHU कैंपस के हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। BHU के विश्वनाथ मंदिर के पास की दुकानें जहां धड़ाधड़ बंद हो गई थीं वहीं यूनिवर्सिटी प्रशासन को जिला प्रशासन से मदद लेनी पड़ी। जिसकी सूचना के बाद कई थानों की फोर्स के साथ पीएसी को कैंपस में तैनात करना पड़ा। नाराज छात्रों ने विश्वनाथ मंदिर के साथ-साथ सेंट्रल ऑफिस के बाहर भी जमकर प्रदर्शन किया और वीसी वापस जाओ के नारे भी लगाए।












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