राजीव गांधी को था मौत का आभास, मरने से 2 दिन पहले सोनिया के बारे में कही ये बड़ी बात
देश भर में आज पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 26वीं पुण्यतिथि मनाई जा रही है। इस मौके पर अमेठी के स्वामी हरि चेतन ब्रह्मचारी ने खास बातचीत में राजीव गांधी के जीवन से जुड़े कई दिलचस्प बातें बताईं।
अमेठी। देश भर में आज पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 26वीं पुण्यतिथि मनाई जा रही है। इस मौके पर अमेठी में स्वामी परमहंस आश्रम टीकरमाफी के महराज स्वामी हरि चेतन ब्रह्मचारी ने खास बातचीत में राजीव गांधी के जीवन से जुड़े कई दिलचस्प बातें बताईं। उन्होंने बताया कि अपनी मौत से दो दिन पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी उनसे मुलाकात करने आश्रम पहुंचे थे। यहां घंटे भर बंद कमरे में वार्ता के बाद जब वो बाहर निकल कर जूते पहन रहे थे तभी स्वामी जी ने उनसे सवाल किया...अब अमेठी वापस कब आएंगे? राजीव गांधी ने जवाब में कहा था अब अमेठी मैं नहीं सोनिया जी आएंगी।

राजीव गांधी को था अपनी मौत का आभास
ब्रह्मचारी जी ने बताया की राजीव गांधी को अपनी मौत का आभास पहले से था। उन्हें पहले से पता था कि उनकी जान जाने वाली है शायद इसीलिए उस दिन राजीव जी ने मेरे सवाल पर इशारों-इशारों में अपनी मौत की भविष्यवाणी कर दी और अमेठी की जिम्मेदारी सोनिया जी को सौंप दिए। उस पल को याद करते हुए ब्रह्मचारी जी फफक उठे। स्वामी ने बताया कि उनका और राजीव गांधी का क़रीब 10 वर्षों का सम्बंध रहा लेकिन हमेशा उन्होंने अमेठी के विकास और गरीब की बात किया।

अपने हाथों से खिलाया केला
इसी क्रम में फिल्म सेंसर बोर्ड के पूर्व सदस्य एवं कांग्रेस नेता विजय श्रीवास्तव ने बताया राजीव जी एक बार एम्बेसडर कार से गौरीगंज के निरीक्षण पर निकले। उनके साथ कार्यकर्ताओं की टोली भी थी। उस समय यूपी में कांग्रेस की सरकार थी और कुमारी बक्शी शिक्षा मंत्री थी। राजीव गांधी गौरीगंज के एक प्राइमरी स्कूल में निरीक्षण को पहुँचे, जहां उनके खाने के लिए फल इत्यादि लाया गया। विजय श्रीवास्तव बताते हैं के मैं व्रत से था तो मैने झट से एक फल उठा लिया। फौरन ही राजीव जी ने पूछा भूख ज़्यादा लगी है...? विजय श्रीवास्तव ने जवाब दिया मेरा आज व्रत है, जिसे बाद फौरन राजीव जी ने तुरंत अपने हाथ से एक केला छीला और मुझे अपने हाथो से खिलाया। उन्होंने कहा कि अब ऐसा व्यक्तिव वाला कोई नहीं है।

जलेबी और समोसे की दुकानों पर रुकती थी राजीव गांधी की गाड़ी
वहीं गौरीगंज के जगदीश पीयूष जिन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर एक पूरी किताब लिखी है, ने बताया कि गौरीगंज से कुछ दूर पर मेरा पेट्रोल पम्प है। एक बार अमेठी दौरे पर आए राजीव जी इत्तेफ़ाक से पेट्रोल पम्प पर पहुंच गए, मैं वहां नहीं था तो थोड़ी दूरी पर मौजूद एक मध्यम वर्गीय चाय की दुकान पर जाकर वो चाय पीने लगे। मुझे जैसे ही सूचना लगी तो मैं वहां पहुंचा उस समय राजीव जी ने कहा के मैं तो तुम्हारी चाय पीने आया था, तुम नहीं मिले तो इसकी चाय पी लिया। जगदीश पीयूष बताते हैं के अमेठी आते-जाते करीब-करीब सैकड़ों दुकानों पर राजीव जी ने जलेबी और समोसे की दुकानों पर रुक अमेठी की जलेबी और समोसे का आनंद लिया है।

जाति को विकास में बाधा मानते थे राजीव गांधी
स्वामी जी ने अमेठी के विकास के मुद्दे पर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की सोच का जिक्र करते हुए कहा कि राजीव जी को हमेशा अमेठी के विकास का एहसास रहता था। लेकिन अक्सर वो एक ही बात कहते थे कि स्वामी जी यहां के लोगों में जातियता का बोलबाला है, इससे विकास में बाधा पड़ती है। स्वामी जी बताते है के उस समय राजीव गांधी ने कहा था के जब तक जातियता के बीज को लोगों के दिलों से दूर नहीं किया जाएगा तब तक विकास सम्भव नहीं है।
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