अखिलेश यादव ने बताया, आखिर क्यों किया कांग्रेस से गठबंधन
अखिलेश यादव की ओर से सफाई आई है कि उन्होंने मजबूरी में नहीं बल्कि सांप्रदायिक ताकतों को देश से हटाने के लिए कांग्रेस से गठबंघन किया है।
लखनऊ। हाल ही में जब अखिलेश यादव ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि अगर उनके परिवार में झगड़ा नहीं होता तो वो कभी कांग्रेस से गठबंधन नहीं करते।
जिस पर विरोधियों ने कहना शुरू कर दिया कि सीएम अखिलेश ने भी मान लिया है कि उनका गठबंधन मजबूरी का है, जिस पर एक बार फिर से अखिलेश यादव की ओर से सफाई आई है कि उन्होंने मजबूरी में नहीं बल्कि सांप्रदायिक ताकतों को देश से हटाने के लिए कांग्रेस से गठबंघन किया है।

जनता समाजवादियों पर भरोसा करती है
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादियों ने हमेशा किसानों, गरीबों, महिलाओं की मदद के साथ प्रदेश को विकास की ओर ले जाने का काम किया है। जनता के साथ किए वादों को पूरा किया है। जनता समाजवादियों पर भरोसा करती है।

हमारी और राहुल गांधी की सोच एक जैसी
हमारी और राहुल गांधी की सोच एक जैसी है, हम दोनों ही राज्य और देश का विकास चाहते हैं और इसी कारण हम साथ आए हैं, मुझे पूरा भरोसा है कि यूपी की जनता इस बात को समझ रही है।

धर्मनिरपेक्षता को बचाने के लिए साथ आए
अखिलेश ने कहा कि देश को सांप्रदायिक ताकतें बर्बाद कर रही हैं, इसलिए हमने और कांग्रेस दोनों ने साथ मिलकर इन ताकतों से निपटने का फैसला किया है।

दो युवाओं का गठबंधन है
कांग्रेस के साथ गठबंधन पर अखिलेश ने कहा कि यह दो कुनबों का गठबंधन नहीं है बल्कि दो युवाओं का गठबंधन है और युवाओं की सरकार बनने जा रही है।

नौजवानों को सरकारी नौकरियां दी
अखिलेश ने कहा कि सपा सरकार ने पांच लाख से ज्यादा नौजवानों को सरकारी नौकरियां दी। शिक्षा मित्रों को समायोजित किया। अगले पांच साल किसानों और युवाओं के रोजगार के लिए काम करेंगे। गरीबों और किसानों के लिए मुफ्त इलाज की व्यवस्था करेंगे। हर गरीब परिवार को समाजवादी पेंशन योजना से जोड़ेंगे। सरकारी बसों में महिलाओं का किराया आधा करेंगे।












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