कौन हैं देवेंद्र नाथ गोस्वामी? ₹500 करोड़ वाले बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर प्रोजेक्ट का विरोध करने पहुंचे SC
Shri Banke Bihar Temple Corridor Project: वृंदावन के प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में भक्तों को होने वाली असुविधाओं को दूर करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की श्री बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर बनाने की योजना है, लेकिन इसमें एक बार फिर अड़चन आ गई है। श्री बांके बिहारी कॉरिडोर प्रोजेक्ट के विरोध में एक शख्स ने सुप्रीम कोर्ट ने अपील दाखिल कर दी है और जिस पर मुख्य न्यायाधीश (CJI) भूषण रामाकृष्ण गवई और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच सुनवाई करने की सहमति भी जताई है।
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई इस याचिका में श्री बांके बिहारी कॉरिडोर के लिए यूपी सरकार की प्रस्तावित पुनर्विकास योजना को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश में संशोधन की अपील की गई है। ये अपील देवेंद्र नाथ गोस्वामी की ओर से दाखिल की गई है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला और कौन हैं ये देवेंद्र नाथ गोस्वामी?

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने 15 मई 2025 को मथुरा के श्री बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर संबंधी 500 करोड़ की योजना को हरी झंडी दे दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के मथुरा में श्री बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर के पुनर्विकास के संबंध में एक महत्वपूर्ण निर्णय दिया, जिसमें इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 8 नवंबर, 2023 के पिछले आदेश को संशोधित किया था।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या सुनाया था निर्णय?
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दायर एक जनहित याचिका (PIL) के जवाब में दिया था। जिसमें 500 करोड़ रुपये की बांके बिहारी कॉरिडोर विकास योजना के लिए मंदिर के धन का उपयोग करने की अनुमति मांगी गई थी। जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया था। इसका उद्देश्य भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एक होल्डिंग क्षेत्र बनाने के लिए मंदिर के चारों ओर पांच एकड़ ज़मीन खरीदना है। हालांकि कोर्ट ने ये भी कहा था कि भूमि का स्वामित्व ठाकुर जी के हाथ में ही रहेगा।"
आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे देवेंद्र नाथ
लेकिन 19 मई को मथुरा के देवेंद्र नाथ गोस्वामी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अमित आनंद तिवारी ने याचिका दाखिल कर उत्तर प्रदेश सरकार के पुनर्विकास प्रस्ताव का समर्थन करने वाले सुप्रीम कोर्ट के आदेश में संशोधन की मांग कर दी है। जिस पर गुरुवार (22 मई 2025) को सीजेआई बीआर गवई ने कहा है कि वो इस याचिका को सूचीबद्ध करेंगे। कितने अमीर हैं भारत के नए चीफ जस्टिस बीआर गवई? CJI को कितनी मिलती है सैलरी
देवेंद्र नाथ गोस्वामी ने विरोध करते हुए क्या कहा?
देवेंद्र नाथ गोस्वामी की याचिका में कहा है कि प्रस्तावित पुनर्विचार परियोजना का कार्याव्यन अव्यवहारिक है। मंदिर के कामकाज से जुड़े लोगों की भागीदारी के बिना पुनर्विकास परियोजना के प्रयास से प्रशासनिक उथल-पुथल और अराजकता हो सकती है और मंदिर का धार्मिक और सांस्कृतिक सार बदल सकता है। जिसका गहरा ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व है। आस्था, इतिहास और रहस्यों का संगम! 600 साल पुराना है करनी माता का 'चूहों वाला मंदिर', एक बार जरूर करें दर्शन
कौन हैं देवेंद्र नाथ गोस्वामी?
सुप्रीम कोर्ट में जिनकी याचिका श्री बांके बिहार मंदिर कॉरिडोर प्रोजेक्ट में फिर से अडंगा डाल दिया है, वो मथुरा के रहने वाले हैं। देवेंद्र नाथ गोस्वामी ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका मे मंदिर के संस्थापक स्वामी हरिदास गोस्वामी का वंशज होने का दावा किया है। देवेंद्र ने बताया है उनका परिवार पिछले 500 वर्षों से श्री बांके बिहार मंदिर का प्रबंधन संभाल रहा है।












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