जन्माष्टमी के मौके पर शिवपाल ने यदुवंशियों के नाम जारी किया संदेश, जानिए कंस का क्यों किया जिक्र
लखनऊ, अगस्त 19। जन्माष्टमी के मौके पर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (PSP) के मुखिया शिवपाल यादव ने एक पत्र जारी कर यदुवंशियों से समर्थन की अपील की है। साथ ही शिवपाल ने इस पत्र में कंस का जिक्र करते हुए अपने विरोधियों पर निशाना साधा है। माना जा रहा है कि इस पत्र के माध्यम से शिवपाल ने विरोधियों को खास तौर से बड़ा संदेश देने की कोशिश की है।

श्री कृष्ण जन्मोत्सव पर यदुवंशियों को दी बधाई
शिवपाल यादव ने जन्माष्टमी के मौके पर जारी किए पत्र में सबसे पहले सभी को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दी हैं। शिवपाल ने पत्र में कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण यदुवंशियों के शिरोमणि होने के साथ ही सम्पूर्ण विश्व के गौरव भी हैं। शिवपाल ने अपने पत्र में यादव समाज से समर्थन देने की भी अपील करते हुए कहा है कि समाज में धर्म की स्थापना के लिए साथ आना बेहद जरूरी है।
शिवपाल ने पत्र में कंस का जिक्र किया
शिवपाल यादव ने पत्र में आगे लिखा है कि समाज में जब भी कोई कंस अपने पूज्य पिता को कल बल और छ्ल से अपमानित कर पद से हटाकर अनाधिकृत आधिपत्य स्थापित करता है तो धर्म की रक्षा के लिए मां यशोदा के लाल और ग्वालों के सखा योगेश्वर श्रीकृष्ण अवश्य जन्म लेते हैं और अपनी योग माया से अत्याचारियों को दंड देकर धर्म को स्थापना करते हैं।
'PSP का गठन नियति का हिस्सा'
शिवपाल ने अपने पत्र में यह भी जिक्र किए है कि पीएसपी के गठन किसी बड़े कार्य को सम्पन्न करने किए की गया है। शिवपाल लिखते हैं कि यदुवंशी बीरों पीएसपी का गठन निश्चित तौर पर ईश्वर द्वारा रचित किसी विराट नियति और विधान का ही परिणाम है। आप सभी इस धरा पर धर्म रक्षक श्री कृष्ण के ध्वजवाहक है और उनके विराट व्यक्तित्व की छाया हैं।
शिवपाल ने यदुवंशियों से की भावुक अपील
शिवपाल ने अपने पत्र में यदुवंशियों से साथ देने की भी भावुक अपील की है। शिवपाल अपने पत्र में लिखते हैं कि...
जय हो, जय हो राधा माधव
जय हो ग्वाल कुमारों की
जय हो, जय हो मथुरा वृंदावन,
यदुवंश के पालनहारों की।
मैं चला धर्म ध्वज लिए हुए
अपना कर्तव्य निभाने को,
आव्हान तुम्हारा यादव वीरों
देर न करना आने को।
उत्तर प्रदेश में चार महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव में अखिलेश को करारी हार का सामना करना पड़ा था। चुनाव से पहले अखिलेश और शिवपाल यादव करीब आए थे, लेकिन चुनाव के बाद दोनों के रिश्तों में इस कदर खटास पैदा हुई कि अखिलेश यादव ने शिवपाल और ओम प्रकाश राजभर को गठबंधन से अलग होने के लिए स्वतंत्र कर दिए था। इसके बाद शिवपाल और राजभर अखिलेश यादव के गठबंधन से अलग हो गए थे। इसके बाद से ही शिवपाल लगातार अखिलेश पर हमलावर हैं। वह अखिलेश यादव पर तंज कसने का कोई भी मौका नहीं चूकते हैं।












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