यूपी में कहां अटकी सपा-कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग? इन लोकसभा सीटों पर Congress की निगाहें
Samajwadi Party and Congress seat-sharing, उत्तर प्रदेश में इंडिया गठबंधन के बीच सीट शेयरिंग को लेकर अभी तक स्थिति साफ नहीं हो पाई है। समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस को 11 सीटें देने का ऐलान भी कर दिया है। इसके अलावा सपा ने हाल ही में 16 सीटों के लिए अपने प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर दिया है।
लेकिन कांग्रेस और सपा के बीच सीटों को लेकर अभी भी खींचतान जारी है। कांग्रेस लगातार कह रही है कि, उनकी बातचीत सही दिशा में चल रही है, जल्द ही सीटों का ऐलान कर दिया जाएगा। हालांकि माना अभी यही जा रहा है कि, सीटों की संख्या को लेकर दोनों दलों में सहमति नहीं बन पाई है।

कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच सीटों के बंटवारे पर फिलहाल चर्चा जारी है, चार दौर की बातचीत पूरी हो चुकी है। हालाँकि, दोनों पार्टियों के आंतरिक मुद्दों के कारण अभी तक कोई सहमति नहीं बन पाई है। लोकसभा सीटों के लिहाज से सबसे बड़ा राज्य उत्तर प्रदेश 2024 के चुनावों में महत्वपूर्ण होगा।
आंतरिक चर्चा के कारण सीट शेयरिंग को लेकर कांग्रेस पार्टी की ओर से कोई निर्यण नहीं ले पा रही है। जिसे समाजवादी पार्टी एक ब्लैकमेल के तौर पर देख रही है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो कांग्रेस पार्टी उन सीटों की मांग कर रही है जो सपा के गढ़ भी हैं, जिन्हें सपा देने में अनिच्छुक है।
किन सीटों को चाहती है कांग्रेस:
दरअसल कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी को 28 सीटों की सूची सौंपी है, लेकिन इन 28 सीटों में 10 सीटें ऐसी हैं जहां पर अच्छी खासी मुस्लिम आबादी है। जिसे समाजवादी पार्टी अपना मानती है। कांग्रेस पार्टी की दिलचस्पी मुख्य रूप से 2009 में जीती गई सीटों में है, जो पूर्वाचल से लेकर पश्चिम तक और तराई क्षेत्र से लेकर बुंदेलखंड तक फैली हुई हैं।
कांग्रेस की ओर से सौंपी गई 28 सीटों की लिस्ट में से वह कम से कम 20 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है। मुख्य रूप से उन महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना चाह रही है, जहां परिणाम चुनाव को उनके पक्ष में आ सकते हैं। पूर्वांचल में, कांग्रेस पार्टी की नजर बलिया और भदोही सीटों पर है। जहां वह दो प्रमुख उम्मीदवारों को मैदान में उतारना चाहते हैं। इसमें बलिया से अजय राय और भदोही से राजेश मिश्रा का नाम सामने आया है।
महराजगंज से वे सुप्रिया श्रीनेत के लिए सीट चाह रहे हैं, जबकि डुमरियागंज, बहराईच और बाराबंकी भी कांग्रेस के नजर है। उनका टारगेट पीएल पुनिया के बेटे तनुज पुनिया को बाराबंकी सीट से मैदान में उतारने का है। इसके अलावा कांग्रेस की नजर उन्नाव के साथ-साथ कानपुर, खीरी, रामपुर और मुरादाबाद पर भी है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद की पत्नी लुईस खुर्शीद फर्रुखाबाद में सक्रिय रूप से प्रचार कर रही हैं और पार्टी सलमान खुर्शीद के लिए फर्रुखाबाद सीट सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके अलावा, कांग्रेस पार्टी अमेठी और रायबरेली सीटें बरकरार रखना चाहती है।
समाजवादी पार्टी का रुख
समाजवादी पार्टी कांग्रेस को जौनपुर और झाँसी के साथ-साथ आगरा, फ़तेहपुर सीकरी, गाजियाबाद, बुलन्दशहर, सहारनपुर, गौतम बुद्ध नगर और वाराणसी देना चाह रही है। समाजवादी पार्टी ने साफ कर दिया है कि मुस्लिम और यादव सीटों के अलावा आजम खान के बिना फर्रुखाबाद नहीं जीता जा सकता, इसलिए आजम खान की सहमति के बिना इन सीटों पर कोई चर्चा नहीं होगी।
कांग्रेस पार्टी ने राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा के लिए फतेहपुर सीकरी सीट मांगी है, क्योंकि यह मार्ग 2024 के चुनावों के लिए कांग्रेस पार्टी की रणनीति से मेल खाता है। वर्तमान परिदृश्य को देखते हुए, सभी की निगाहें इस पर हैं कि क्या दोनों दल आसानी से सीट शेयरिंग पर समझौता कर लेंगे या फिर अखिलेश यादव ममता बनर्जी की के समान एक अलग रास्ता अपनाएंगे।












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