'भारत जोड़ो यात्रा' से अखिलेश यादव ने बनाई दूरी, कहा- बीजेपी-कांग्रेस एक जैसे
अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने भारत जोड़ो यात्रा से दूरी बना ली है। वो इस यात्रा में शामिल नहीं होंगे। उनका मानना है कि बीजेपी और कांग्रेस एक जैसे ही हैं।

राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा नए साल में फिर से शुरू होगी, जिसको लेकर तैयारियां जारी हैं। ये यात्रा यूपी से शुरू होनी है, ऐसे में कयास लगाए जा रहे थे कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव इस यात्रा में शामिल होंगे, लेकिन उन्होंने इन खबरों का खंडन किया है। साथ ही मीडिया के सामने ये साफ किया कि वो राहुल की यात्रा में नहीं जाएंगे। इसे विपक्षी दलों की एकता के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
लखनऊ में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए सपा सुप्रीमो ने कहा कि हमारी पार्टी की एक अलग विचारधारा है। बीजेपी और कांग्रेस एक ही हैं। इसके बाद उनसे एक पत्रकार ने पूछा कि क्या उन्हें यात्रा में होने के लिए बुलाया गया है, इस पर अखिलेश ने कहा कि अगर आपको (पत्रकार) फोन पर निमंत्रण मिला है, तो कृपया मुझे भी भेजें। मेरी शुभकामनाएं उनकी यात्रा के साथ हैं, लेकिन मुझे कोई निमंत्रण नहीं मिला है।
इससे पहले कांग्रेस सूत्रों के हवाले से खबर आई थी कि अखिलेश यादव को यात्रा के लिए निमंत्रण भेजा गया है। उनके साथ ही मायावती को भी बुलाया गया, लेकिन अब सपा सुप्रीमो के बयान से साफ हो गया है कि सपा इस यात्रा से दूर ही रहेगी। वहीं उसके सहयोगी दल आरएलडी के भी इसमें शामिल होने की संभावना ना के बराबर है। मामले में सपा प्रवक्ता घनश्याम तिवारी ने कहा है कि उनकी पार्टी भारत जोड़ो यात्रा के विचार का समर्थन करती है, लेकिन वो संभावित गठबंधन की अटकलों को हवा नहीं देना चाहती थी।
कई बार साथ आए दोनों दल
2008 में जब मनमोहन सिंह की सरकार गिरने वाली थी, तो सपा ने ही उसे बचाया था। इसके बाद 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव को भी दोनों दलों ने मिलकर लड़ा। हालांकि उसमें वो हार गए और बीजेपी ने पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाई। तब से अखिलेश और राहुल के रास्ते अलग-अलग हैं। कुछ एक्सपर्ट मान रहे थे कि बीजेपी को रोकने के लिए 2024 में सपा-कांग्रेस फिर से साथ आ सकते हैं, लेकिन अभी के हालात में ऐसा होता नहीं दिख रहा।












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