सहारनपुर नगर सीट: ध्रुवीकरण के दौर में यहां हाशिए पर हैं मुद्दे, जानिए ग्राउंड रिपोर्ट
लखनऊ, 05 फरवरी: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियां अपनी चरम पर है। पहले चरण का मतदान 10 फरवरी को होना है लिहाजा सभी दलों ने अपने पूरी ताकत झोंक दी है। उत्तराखंड, हिमाचल और हरियाणा से सटे सहारनपुर में भी सियासी पारा अपने चरम पर पहुंच गया है। ध्रुवीकरण के बीच चुनावी मुद्दे गौड़ हो चुके हैं। लिहाजा सभी दलों ने अपने अपने हिसाब से माहौल बनाना शुरू कर दिया है।

सहारनपुर सदर सीट पर इस बार मुकाबला काफी दिलचस्प होने की उम्मीद है। सपा आरएलडी गठबंधन से एसपी विधायक संजय गर्ग फिर से मैदान में हैं। वहीं दूसरी ओर बीजेपी ने पूर्व विधायक राजीव गुंबर को मैदान में उतारा है जबकि बीएसपी से मनोज अरोरा ताल ठोक रहे है। कांग्रेस ने पूर्व पार्षद सुखविंदर कौर पर भरोसा जताया है। आम आदमी पार्टी ने उस्मान मालिक को मैदान में उतारा है।
सीएम योगी की छवि परंपरागत वोट बैंक के साथ सवर्ण और पिछड़ों को साधने में जुटी बीजेपी इस सीट के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए है। 2007 और 2012 में राघव लखनपाल शर्मा ने इस सीट पर भगवा झंडा फहराया था। 2014 के लोकसभा चुनाव में उनके सांसद बन जाने के बाद यहां से राजीव गुंबर विधायक बने थे। लेकिन 2017 में मोदी की लहर के वावजूद यहां से समाजवादी पार्टी जितने में सफल हो गई थी। इस बार भी बीजेपी और सपा के बीच कांटे की टक्कर होने की उम्मीद है।
जातीय समीकरण ही लेंगे सबका इम्तिहान
इस सीट पर चुनावी मुकाबला कैसा होगा इसकी एक झलक 2017 के चुनाव से मिल जाती है। 2017 में यहां बीजेपी और सपा के बीच कांटे का मुकाबला हुआ था। तब सपा ने 4636 मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी। संजय गर्ग की कुल मतों में हिस्सेदारी लगभग 47 फीसदी रही थी जबकि बीजेपी की 45 फीसदी। बीएसपी केवल 6 फीसदी पर ही अटक गई थी। सबसे खराब स्थिति आरएलडी की थी। आरएलडी 1000 वोटों के आंकड़े को भी नही छू का था। अगर समीकरण कमोबेश वैसे ही रहे तो सपा के सामने सीट बचाने की चुनौती आ जायेगी। बीजेपी के सामने बीएसपी के वोट बैंक में सेंध लगाने की चुनौती है। अगर वह इसमें कामयाब हो गई तो उसकी राह आसान हो सकती है।
जानिए क्या कहते हैं जातीय समीकरण और पिछले आंकड़े
सहारनपुर सदर सीट पर सबसे ज्यादा तादाद मुस्लिम की 1.55 लाख है। पंजाबी और सिख 85 हजार हैं। वैश्य 60 हजार, एससी एसटी 30 हजार, ब्राह्मण 25 हजार , सैनी 18 हजार हैं। इसके अलावा अन्य मतदाताओं की संख्या करीब 28 हजार है। पिछले चुनाव में संजय गर्ग को 1,27,210 वोट मिले थे जबकि बीजेपी के राजीव गुंबर को 1,22,574 वोट मिले थे। बीएसपी के मुकेश दीक्षित को 17, 350 वोट मिले थे। आरएलडी के उम्मीदवार भूरा मालिक को केवल 934 वोट ही मिल पाए थे।












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