जूते पहनकर मंदिर में जा रहा था RSS नेता, रोकने पर पुलिस से बवाल
जूते पहनकर मंदिर में जा रहे आरएसएस नेता को जीआरपी दरोगा ने रोका तो उनके घर पर पहुंचकर हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने हमला कर दिया।
आगरा। उत्तर प्रदेश के न्यू आगरा थाना क्षेत्र के रोशनबाग दयालबाग में उस समय बवाल हो गया जब जूते पहनकर मंदिर में चढ़ने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच पहले वाद-विवाद हुआ। उसके बाद उनमें मारपीट, पथराव और फायरिंग का दौर भी चला।

बताया जाता है कि रोशनबाग दयालबाग में स्थित मंदिर में आरएसएस नेता अरविन्द चौहान पूजा-अर्चना के लिए जा रहा था कि क्षेत्र में रहनेवाले जीआरपी पुलिस में तैनात दरोगा मुकेश गौतम ने उसको जूते पहनकर मंदिर में जाने से मना किया। इस बात के बाद दोनों पक्षों में पहले मारपीट हुई। दोनों की ओर से पथराव और फायरिंग हुई ।
घटना के बाद बड़ी संख्या में हिंदूवादी संगठन के लोग और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं व तमाम विधायकों ने थाना न्यू आगरा का घेराव कर लिया। पुलिस प्रशासन के सामने जोरदार नारेबाजी और आक्रमक भाजपाई लगातार हावी हो रहे थे। आलम यह था कि पुलिस की मौजूदगी में ही दूसरे पक्ष पर भाजपाइयों ने लात-घूंसे और हाथों की बरसात कर डाली।

दरोगा मुकेश गौतम के परिवारीजन कहते हैं कि मंदिर में जूते पहनकर चढ़ने का विरोध करने पर आरएसएस नेता अपने समर्थकों के साथ आए और उन्होंने पथराव किया। उसके बाद मकान के सारे शीशे क्षतिग्रस्त कर दिए और फायरिंग भी की जिससे क्षेत्र में दहशत फैल गई।
तो वहीं दूसरा पक्ष यानी संघ कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस में तैनात दरोगा मुकेश गौतम क्षेत्र में दबंगई करते हैं जिसकी शिकायत उन्होंने दर्ज कराई थी। इसके बाद आरएसएस कार्यकर्ताओं के साथ न केवल मारपीट की बल्कि सर्विस रिवॉल्वर से फायरिंग की। अपनी बात कहने के लिए जब आरएसएस कार्यकर्ता थाने आये तो खाकी ने खाकी ने साथ दिया। पुलिस ने दरोगा का साथ देकर संघ के कार्यकर्ताओं को हवालात में डाल दिया इसके बाद भाजपाइयों में आक्रोश फेल गया।
बीजेपी नेता कहते हैं कि आरएसएस नेता पर जीआरपी पुलिस में तैनात दरोगा मुकेश गौतम ने जानलेवा हमला किया और जब दरोगा को लगा कि उस पर कार्रवाई होनी है तो खुद को बचाने की नीयत से उसने अपने घर में तोड़फोड़ कर ली। 4 घंटे से ज्यादा थाने पर हाईप्रोफाइल ड्रामा चला। कभी पुलिस के सामने धक्का-मुक्की, नारेबाजी हुई तो पुलिस की मौजूदगी में लोगों के साथ मारपीट तक हुई। पुलिस मूकदर्शक बनी रही। एएसपी हरीपर्वत अनुराग वत्स ने बताया कि दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर आरोपियों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी।












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