4 महीने से वेतन न देने पर नौकर ने कर दी रालोद नेता की हत्या

Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    बुलंदशहर। रालोद के पूर्व जिला उपाध्यक्ष और धमैड़ा कीरत गांव के पूर्व प्रधान की कोतवाली नगर क्षेत्र में गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए रालोद नेता के नौकर को अरेस्ट कर लिया है। पुलिस हत्या के पीछे मार-पीटाई और तीन महीने से वेतन नहीं देना बता रही है। पुलिस का कहना हैं कि गिरफ्तार आरोपी के पास से आला ए कत्ल बरामद कर लिया गया है।

    RLD leader murdered by his servant in Bulandshahr

    ये था मामला
    धमैड़ा कीरत निवासी रालोद नेता व पूर्व प्रधान त्रिलोक चंद (50) मकान में ऑफिस बनाकर फाइनेंस का काम करता था। मकान के निचले हिस्से में कार्यालय हैं, जबकि ऊपर बने कमरे में एक युवक पत्नी के साथ किराए पर रहता था। बता दे कि 11/12 नवम्बर की रात को त्रिलोक चंद मकान में थे। उसने अपने नौकर से पपीता कटवाया और उसे जाने के लिए कह दिया। रविवार की देर शाम नौकर आफिस पहुंचा तो दरवाजा खुला था। सामने वाले कमरे में बने ऑफिस में सीट पर त्रिलोक चंद का लहूलुहान शव पड़ा हुआ था। नौकर के शोर मचाने पर लोग मौके पर पहुंचे गए और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच ने शव कब्जे में लेकर जांच शुरु कर दी।

    एएसपी प्रमोद कुमार की माने तो त्रिलोक चंद के नौकर हरेन्द्र ने बताया था कि वो रात को घर से चला गया था, लेकिन हरेन्द्र के मोबाइल की जब सीडीआर निकाली तो उसकी लोकेशन घर में ही मिली। जब हरेन्द्र से पूछताछ की गई तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी हरेन्द्र की निशानदेही पर आला ए कत्ल भी बरामद कर लिया हैं। एएसपी ने बताया कि हत्या के पीछ त्रिलोक चंद द्वारा मार-पीटाई और चार माह से वेतन नहीं देना था। बताया कि त्रिलोक चंद अपने नौकर हरेन्द्र के साथ मार-पिटाई करता था और तीन माह से उसका वेतन नहीं दिया था। इसलिए हरेन्द्र उसकी नौकरी छोड़कर चला गया था, लेकिन त्रिलोक चंद उसे वापिस बुला लाया था। फिर भी त्रिलोक चंद उसके साथ मार-पीट करता था। इस बात से क्षुब्ध होकर हरेन्द्र ने त्रिलोक चंद की हत्या कर दी।

    दो बार जीता था प्रधानी का चुनाव
    रालोद नेता त्रिलोक चंद को गांव धमैड़ा कीरत में वर्ष 2005 से 2010 तक निर्विरोध प्रधान पद पर चुना गया था। वर्ष 2010 से 2015 तक पुन: प्रधान के पद पर निर्वाचित हुआ। इसके बाद गांव की प्रधान की सीट का आरक्षण बदलने के कारण चुनाव नहीं लड़ सका।

    कविता कांड में नाम आया था सामने
    रालोद नेता त्रिलोक चंद को एक पूर्व केबिनेट मंत्री का बेहद करीबी माना जाता था। अक्तूबर 2006 में हुए कविता कांड में त्रिलोक प्रधान का नाम उछला था। उस दौरान चर्चा रही थी कि सीबीआई ने त्रिलोक प्रधान को अवैध हिरासत में रखकर पूछताछ भी की थी। हालांकि त्रिलोक प्रधान की कोई भूमिका सामने नहीं आने पर उसे छोड़ दिया गया।

    Read Also: पटरी पर बैठी लड़की का वीडियो बनाते रहे लोग, चीथड़े उड़ाती ट्रेन गुजर गई

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    RLD leader murdered by his servant in Bulandshahr.

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more