राजनीति और सेवा का दूसरा नाम थे राजपाल त्यागी, नेताओं ने नम आंखों से दी विदाई, पढ़ें उनका सफरनामा
Rajpal Tyagi Profile: उत्तर प्रदेश की राजनीति और मुरादनगर की जनता के लिए 18 जुलाई की सुबह एक दुखद समाचार लेकर आई। राज्य के पूर्व कैबिनेट मंत्री और छह बार मुरादनगर से विधायक रह चुके राजपाल त्यागी का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। यह सिर्फ एक राजनेता के जाने की खबर नहीं थी, बल्कि एक ऐसे युग के अंत की शुरुआत, जिसने दशकों तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति को नई दिशा दी।
अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब
भारी बारिश और कांवड़ यात्रा जैसी परिस्थितियों के बावजूद हजारों की संख्या में लोग उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुए। यह उनकी लोकप्रियता का प्रमाण था कि केवल मुरादनगर ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश से लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे। हर चेहरे पर सिर्फ एक ही बात थी- "नेता तो बहुत देखे हैं, लेकिन राजपाल त्यागी जैसा कोई नहीं।"

पूर्व मंत्री के निधन पर शोक की लहर दौड़ गई। उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी, विधायक पंकज सिंह, मंत्री ए.के. शर्मा, कवि कुमार विश्वास, राज्यमंत्री जसवंत सिंह सैनी और आचार्य प्रमोद कृष्णम समेत प्रदेशभर के नेताओं ने उनके आवास पहुंचकर श्रद्धांजलि दी। आचार्य प्रमोद ने लिखा-"गाजियाबाद की 'सियासत' का एक ऐसा अध्याय जिसके बिना पश्चिम उत्तर प्रदेश का इतिहास अधूरा रहेग।" उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने एक्स पर लिखा, ''पूर्व मंत्री राजपाल त्यागी जी के निधन उपरांत उनके आवास पहुंचकर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। ''
सियासत के 'राजा'-विनम्रता से भरी राजनीति
राजपाल त्यागी का राजनीतिक सफर किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं था। एलएलबी करने के बाद वकालत में नाम कमाया, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बने और फिर 1989 में निर्दलीय विधायक बनकर राजनीति में धमाकेदार एंट्री की। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी जैसे बड़े दलों का दामन थामा, लेकिन उनकी पहचान किसी दल की नहीं, बल्कि जनता के नेता के रूप में बनी। वो छह बार विधायक चुने गए-कभी निर्दलीय, कभी कांग्रेस तो कभी बसपा से। दो बार कैबिनेट मंत्री और एक बार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के तौर पर सेवा दी।
जनता का नेता, जनसेवा का प्रतीक
राजपाल त्यागी ने सियासत को कभी सत्ता की कुर्सी तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने इसे समाजसेवा का माध्यम बनाया। जनता से सीधे जुड़ाव और सरल स्वभाव ने उन्हें ऐसा नेता बनाया, जो हर दिल में बसता था। उनके बेटे अजीतपाल त्यागी, जो वर्तमान में मुरादनगर से विधायक हैं, ने भी उनके पदचिह्नों पर चलते हुए जनसेवा की राह को अपनाया है। राजपाल त्यागी अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी सादगी, ईमानदारी और जनसेवा की विरासत हमेशा जीवित रहेगी।
who is Rajpal Tyagi: राजपाल त्यागी का जीवन परिचय
राजपाल त्यागी का शिक्षा व विधिक क्षेत्र में योगदान
•सबसे युवा सचिव, गाज़ियाबाद बार एसोसिएशन
•सबसे युवा अध्यक्ष, गाजियाबाद बार एसोसिएशन
•अपने समय के सर्वश्रेष्ठ सिविल वकीलों में एक
राजपाल त्यागी का राजनीतिक जीवन
•लगभग 10 वर्ष कांग्रेस पार्टी के ज़िला अध्यक्ष (जब यह पद विधायक-सांसद से भी अधिक प्रभावशाली माना जाता था)
•गाज़ियाबाद जिले की पद यात्रा कर राजनीति में जन सेवा हेतु प्रवेश
•मुरादनगर विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय ऐतिहासिक चुनाव जीतकर विधायक बने
•6 बार मुरादनगर से विधायक निर्वाचित
•2 बार निर्दलीय विधायक के रूप में
•गाज़ियाबाद से पहले कैबिनेट मंत्री
•बहुत लंबे समय तक उत्तर प्रदेश सरकार में प्रभावशाली कैबिनेट मंत्री रहे
मुरादनगर (गाजियाबाद) में लोकप्रियता
•दिल्ली का राजनीति ना करके मुरादनगर की जनता की राजनीति की।
•हर गांव के बच्चे-बच्चे को उनके नाम से जानते थे।
•ईमानदार, स्वच्छ छवि व लोगप्रियता इतनी थी कि पार्टी बुला-बुला कर टिकट देने हेतु मजबूर होती थी क्योकि मुरादनगर की सीट उन्हीं के नाम से जानी जाती थी।
•ग्रामीण विकास मंत्री रहते ग्रामीण विकास को महत्वता प्रदान करायी, उससे पूर्व ग्रामीण विकास मंत्रालय को कोई पूछता तक नहीं था / महत्व नहीं देता था।
राजपाल त्यागी का उत्तराधिकार और विरासत
•उनके दिखाए रास्ते पर चलकर अजीतपाल त्यागी जी को जनता ने दो बार ऐतिहासिक जीत दिलाकर बीजेपी से विधायक चुना।
•अजीतपाल त्यागी जी आज भी उसी समर्पण भाव से जनता की सेवा कर रहे हैं












Click it and Unblock the Notifications