लखनऊ में राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ ने अटल स्वास्थ्य मेले का शुभारंभ किया
भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 25 दिसंबर को जन्म शताब्दी के अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को दिलकुशा लॉन में अटल स्वास्थ्य मेले का उद्घाटन किया। दो दिवसीय आयोजन में 181 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी हुआ, जिनका लागत 662 करोड़ रुपये है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय राजनीति में स्वर्गीय अटल बिहारी के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा वाजपेयी, जो पांच बार लखनऊ से सांसद रहे, पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के विजन को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसका उद्देश्य समाज के सबसे वंचित वर्गों का उत्थान करना है।

स्वास्थ्य मेलों का पुनरुद्धार
वाजपेयी की विरासत से प्रेरित अटल स्वास्थ्य मेला पिछले पांच वर्षों से लगातार आयोजित होता रहा है। 1998-99 में वाजपेयी के नेतृत्व में शुरू किया गया, ये मेले बंद कर दिए गए थे, लेकिन 2020 से 2023 के बीच 50,000 से अधिक लोगों को लाभान्वित करते हुए फिर से शुरू किए गए हैं।
विकास परियोजनाएं और पहल
आदित्यनाथ ने लखनऊ के विकास में रक्षा मंत्री सिंह के योगदान की सराहना की। 2019 से लखनऊ के लोकसभा सांसद सिंह ने आयोजन के दौरान उद्घाटन किए गए 662 करोड़ रुपये की परियोजनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन पहलों से क्षेत्र में बुनियादी ढांचे और सेवाओं में वृद्धि होने की उम्मीद है।
दिव्यांग व्यक्तियों के लिए समर्थन
स्वास्थ्य मेले ने कृत्रिम अंग, ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर और अंधे की छड़ी जैसे सहायक उपकरण वितरित करके दिव्यांग व्यक्तियों को सशक्त बनाने पर भी ध्यान केंद्रित किया। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, दिव्यांग व्यक्तियों के लिए वार्षिक पेंशन में वृद्धि करके 12,000 रुपये कर दी गई है। चल रहे कार्यक्रमों का उद्देश्य उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आवश्यक उपकरण प्रदान करना है।
वाजपेयी का प्रभाव अटल स्वास्थ्य मेला और विभिन्न विकास परियोजनाओं जैसी पहलों के माध्यम से प्रसारित होता रहता है। स्थिरता और समावेशीता की उनकी विरासत वर्तमान नेताओं के लिए एक मार्गदर्शक शक्ति बनी हुई है, क्योंकि वे पूरे भारत में नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास करते हैं।












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